मध्य प्रदेश सरकार के मुताबिक 2025-26 में प्राथमिक स्कूलों की ड्रॉपआउट दर शून्य हुई है। साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति, गृह संपर्क और डिजिटल शिक्षा जैसी योजनाओं का भी विस्तार हुआ।

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर सरकार ने एक बड़ा दावा किया है। वर्ष 2025-26 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य प्रतिशत पहुंच गई है। सरकार के मुताबिक वर्ष 2002-03 में यही दर 15 प्रतिशत थी। यानी पिछले दो दशक से ज्यादा समय में बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने के लिए चलाई गई योजनाओं और अभियानों को इसका अहम कारण बताया जा रहा है।

15% से Zero तक पहुंचा Primary Dropout

स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत थी, जो 2025-26 में पहली बार शून्य हो गई। इसी अवधि में माध्यमिक स्तर की दर 24.70 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत और सेकंडरी स्तर पर 13 प्रतिशत रह गई। ये आंकड़े मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साझा किए गए हैं।

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साइकिल से स्कूटी तक, पढ़ाई के लिए कई योजनाएं

सरकार के मुताबिक विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़े रखने में साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप, गणवेश और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं ने भूमिका निभाई है। साइकिल योजना से अब तक एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित होने का दावा है। वहीं मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत 23,487 विद्यार्थियों को लाभ मिला है।

घर-घर पहुंचे शिक्षक, 3 लाख बच्चे लौटे स्कूल

ड्रॉपआउट कम करने की रणनीति सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रही। गृह संपर्क अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करते हैं। सरकार के अनुसार इस अभियान से अब तक तीन लाख से अधिक बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। छात्रावासों के लिए ई-हॉस्टल मैनेजमेंट सिस्टम और जनजातीय क्षेत्रों में नए छात्रावास भी इसी दिशा का हिस्सा हैं।

Vocational Education में भी बड़ा विस्तार

सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा संचालित करने वाले 3,367 स्कूल हैं। वर्ष 2025-26 में 5,98,452 विद्यार्थियों ने इन पाठ्यक्रमों में नामांकन कराया। पिछले दो वर्षों में 1,010 स्कूलों में एग्रीकल्चर ट्रेड शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई है।

बजट, डिजिटल क्लास और PM Shri का नेटवर्क

शिक्षा के लिए बजट को वर्ष 2002-03 के 2,456 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 9,623.12 करोड़ रुपये किए जाने की जानकारी सरकार ने दी है। राज्य में 799 PM Shri स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 4.80 लाख विद्यार्थी नामांकित बताए गए हैं। वहीं 9,316 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 95 प्रतिशत के लिए स्मार्ट क्लास स्वीकृत होने का दावा है।

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