शहडोल में 70वीं राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता शुरू हुई। सीएम मोहन यादव ने इसका वर्चुअली उद्घाटन किया। इसमें 10 संभागों के 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने 2027 को राज्य में 'युवा वर्ष' घोषित किया।
भोपाल/शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 सितंबर को कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर प्रदेशभर से पहुंचे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय अंचल लगातार यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। शहडोल आज खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां फुटबॉल के साथ अब बास्केटबॉल भी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
शहडोल में बास्केटबॉल का पुराना गौरव
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जुनून के दम पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
- उन्होंने बताया कि शहडोल में वर्तमान में तीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। पिछले 15 वर्षों में जिले की बास्केटबॉल टीम ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्कूली बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शहडोल के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है।
‘मिनी ब्राजील’ शहडोल में खेल प्रतिभाओं की भरमार
- मुख्यमंत्री ने कहा कि शहडोल की पहचान अब केवल एक जिले के रूप में नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के केंद्र के रूप में भी बन रही है। विचारपुर गांव फुटबॉल की नर्सरी और ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
- उन्होंने कहा कि फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ बास्केटबॉल भी जिले के युवाओं को आकर्षित कर रहा है। विचारपुर जैसे आदिवासी अंचलों से निकलकर खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि छोटे गांवों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
खेल सिर्फ शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बचपन से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। खेल केवल शारीरिक क्षमता दिखाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास होता है।
- उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जब कोई युवा मैदान या बास्केटबॉल कोर्ट में मेहनत करता है, तो आगे चलकर वह सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है।
‘मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी’
- मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है। इसलिए खिलाड़ियों को केवल हार-जीत के बारे में सोचने के बजाय सीखने और बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहिए।
- उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला था। उन्होंने इसे पूरे जिले के लिए गौरव की बात बताया।
खेलो इंडिया से गांवों की प्रतिभाओं को मिल रहा मंच
- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर नई सोच और उत्साह देखने को मिला है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय खिलाड़ी लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से गांवों और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिल रहा है। भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।
2027 में मध्य प्रदेश मनाएगा ‘युवा वर्ष’
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- उन्होंने खिलाड़ियों से मिल-जुलकर खेलने और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जिलों से शहडोल आए खिलाड़ी यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं।
10 संभागों के 240 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
- 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि शहडोल की बास्केटबॉल पहचान आने वाले समय में और मजबूत होगी और यहां से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे।
- कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को संबोधित कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


