MP कैबिनेट ने 42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर किए। समग्र शिक्षा, परिवहन, उद्यानिकी, सिंचाई, लाड़ली बहना और MARKFED ऋण पर बड़े फैसले हुए।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 सितंबर को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रि-परिषद ने अधोसंरचना को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में समग्र शिक्षा योजना के अगले पांच वर्षों के संचालन से लेकर परिवहन विभाग की योजनाओं, उद्यानिकी विकास, सिंचाई परियोजनाओं और विभिन्न विभागों में पदों की स्वीकृति तक कई प्रस्तावों पर निर्णय हुआ।

MP Cabinet Meeting: समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने केंद्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार करना है। इसके तहत शाला शिक्षा में सामाजिक और लैंगिक भेदभाव कम करने, सभी स्तरों पर समानता और समावेशन सुनिश्चित करने तथा शिक्षा के न्यूनतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। योजना में शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के क्रियान्वयन में राज्य को सहायता देना भी शामिल है।

समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक पढ़ने वाले 4 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सभी श्रेणी के विद्यार्थियों की शिक्षा का प्रावधान है। शिक्षक प्रशिक्षण के लिए एससीईआरटी, राज्य शिक्षा संस्थान और डाइट को नोडल एजेंसियों के रूप में मजबूत और उन्नत करने का प्रावधान भी योजना का हिस्सा है।

परिवहन विभाग की योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये की मंजूरी

कैबिनेट ने परिवहन विभाग के सुचारू संचालन, अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए विभाग की 500 करोड़ रुपये से कम लागत वाली राजस्व एवं पूंजीगत व्यय योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

स्वीकृत राशि में उड़नदस्ता और चेक पॉइंट की स्थापना से जुड़े व्यय के लिए 377 करोड़ 41 लाख रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। जिला स्थापना व्यय के लिए 361 करोड़ 89 लाख रुपये, मुख्यालय स्थापना व्यय के लिए 120 करोड़ 10 लाख रुपये और राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण के संचालन के लिए 10 करोड़ 39 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

डिजिटल सेवाओं और अधोसंरचना के तहत स्मार्ट कार्ड योजना के निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया है। विभागीय कार्यालय भवनों के नए निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये और मौजूदा परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी

कैबिनेट ने सड़क सुरक्षा, जनहित और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी जारी रखने का फैसला किया है। कुशल चालकों को तैयार करने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना हेतु 12 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए ग्रामीण परिवहन नीति के क्रियान्वयन हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। सड़क हादसों में पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए नेक व्यक्ति पुरस्कार योजना के तहत 1 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सार्वजनिक सड़क परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया फंड से जुड़े आवश्यक वित्तीय प्रावधान को भी मंजूरी दी गई है।

उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाएं अगले पांच साल तक जारी रहेंगी

कैबिनेट ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ प्रमुख राज्य पोषित योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के लिए कुल 491 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उद्यानिकी फसलों का रकबा और गुणवत्ता सुधारना तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करना है।

स्वीकृत बजट में फल पौध रोपण योजना और मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 100-100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना के लिए 85 करोड़ रुपये, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए 53-53 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसके अलावा एकीकृत शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन) अधोसंरचना के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये तथा कृषक प्रशिक्षण और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 25-25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश और नियम जारी करने का अधिकार संबंधित विभाग को दिया गया है।

चंदेरी और गौंड सिंचाई परियोजनाओं के लिए करोड़ों की मंजूरी

कैबिनेट ने अशोकनगर जिले की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित कर जिले के 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

वहीं, सिंगरौली जिले की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए इसी अवधि में 749 करोड़ 62 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। परियोजना के तहत बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से जिले में 34 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

उज्जैन की चितावद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील के पास क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित चितावद वृहद सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिंचाई बांध का निर्माण कर संचित जल के माध्यम से 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में खनिज शाखाओं के लिए 21 पद मंजूर

कैबिनेट ने नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में जिला कार्यालयों की खनिज शाखा स्थापित करने के लिए कुल 21 पदों की स्वीकृति दी है। प्रत्येक जिले में 7-7 नए पद मंजूर किए गए हैं। इन पदों में खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, सहायक मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही और भृत्य के एक-एक पद शामिल हैं।

अनूपपुर और शहडोल के 4 स्कूलों के लिए 36 नियमित पद स्वीकृत

कैबिनेट ने अनूपपुर और शहडोल जिलों में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयन के बाद संचालित चार विद्यालयों के लिए 36 नियमित पदों को मंजूरी दी है। इनमें अनूपपुर जिले के केल्हौरी, बाड़ीखार और भालूमाड़ा तथा शहडोल जिले के नवलपुर के विद्यालय शामिल हैं। स्वीकृत पदों में हाई स्कूल प्राचार्य के 4, माध्यमिक शिक्षक के 24, प्राथमिक शिक्षक के 4 और सहायक ग्रेड-3 के 4 पद शामिल हैं।

लाड़ली बहना योजना की अतिरिक्त सहायता पर कैबिनेट की मुहर

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के तहत हितग्राहियों को अगस्त 2026 की आर्थिक सहायता राशि के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता दिए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के 20 अगस्त 2026 के आदेश और उसके अनुपालन में विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया है।

MARKFED को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (MARKFED) की रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के पुनर्भुगतान के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह राशि 30 सितंबर 2026 तक पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए दी जाएगी। ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया राज्य की नगद तरलता और राजकोषीय घाटे की सीमा को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग द्वारा तय की जाएगी। ऋण की अन्य शर्तें भी MARKFED की वित्तीय स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग की सहमति से जारी होंगी। बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 26 मई 2026 को हुई 64वीं बैठक में लिए गए निर्णयों से भी मंत्रि-परिषद को अवगत कराया गया।