मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में गीता भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश में सांस्कृतिक अभ्युदय हुआ है। गीता भवन आधुनिक सुविधाओं के साथ अध्ययन, शोध और वैचारिक विमर्श का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद पूरे भारत में सांस्कृतिक अभ्युदय का माहौल बना है। विरासत के संरक्षण के साथ विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य गीता भवन के निर्माण के लिए संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में पहले ही लोकार्पित हो चुका है और अब इसी कड़ी में जबलपुर को भी गीता भवन की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर में गीता भवन के लोकार्पण तथा 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

नई शिक्षा नीति 2020 और भारतीय ग्रंथों का पाठ्यक्रम में समावेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संसद के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 में ऐतिहासिक बदलाव किए। यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने इस नीति को लागू किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को सशक्त करने के उद्देश्य से भगवत गीता और रामायण के प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया है, ताकि विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों की शिक्षा मिल सके।

जबलपुर को रामायण और गीता से जुड़ी ऐतिहासिक सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऋषि जाबाली की पावन भूमि जबलपुर को आज भगवान श्रीराम से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय रामायण आयोजन और भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र गीता के नाम पर निर्मित गीता भवन की अनुपम सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि भारत की चारों दिशाओं में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अपने पराक्रम और आदर्शों से जीवन को दिशा दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए और 5 विद्यार्थियों को भगवत गीता ग्रंथ भेंट किए। इन विकास कार्यों में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के जीर्णोद्धार और सड़क विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं।

गीता से कर्म, सेवा और जीवन का मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृत्यु लोक में हर मनुष्य का जीवन नियत है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेशों के माध्यम से अर्जुन को कर्मवाद का सिद्धांत समझाया और रिश्तों की जटिलताओं से बाहर निकलने का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि गीता का संदेश हमारे मन के अंधकार को दूर करता है और यह सिखाता है कि स्वयं कष्ट सहकर भी समाज की सेवा कैसे की जाए। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में यशोदा मैया और नंद बाबा की भूमिका को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महंत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गीता भवन

जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित गीता भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। भवन में सर्वसुविधायुक्त वाचनालय और ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। यहां 5 हजार से अधिक धार्मिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक और सामाजिक पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध है।

इसके साथ ही 900 व्यक्तियों की क्षमता वाला वातानुकूलित ऑडिटोरियम, विचार-मंथन कक्ष और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह गीता भवन अध्ययन, शोध, संवाद और वैचारिक विमर्श का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।