मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 अक्टूबर को शहडोल में 9 लाख से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को करोड़ों का बोनस बांटेंगे। इसके अलावा 461 करोड़ के विकासकार्यों की सौगात भी मिलेगी।
भोपाल: मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र और खासकर तेंदूपत्ता का काम करने वाले लाखों परिवारों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 25 अक्टूबर को शहडोल जिले का एक अहम दौरा करने वाले हैं। इस खास दौरे पर सीएम मोहन यादव राज्य के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का इनाम यानी प्रोत्साहन राशि (बोनस) का वितरण करेंगे। इसके साथ ही, शहडोल जिले को करोड़ों रुपए के नए विकास कार्यों की बड़ी सौगात भी मिलने जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में आएंगे 22 करोड़ से ज्यादा रुपए
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा फोकस तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले कामगारों पर है। सरकार की तरफ से दी गईजानकारी के मुताबिक, इस मेगा इवेंट में करोड़ों रुपए बांटे जाएंगे। सीएम मोहन यादव तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2024 के लिए कुल 22 करोड़ 89 लाख 9 हजार 461 रुपए की प्रोत्साहन राशि बांटेंगे। इसका फायदा 9 लाख 77 हजार 696 पात्र तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा, जिनके खातों में ये पैसा जाएगा।
कौन से जिले होंगे कवर
ये बोनस सिर्फ शहडोल तक सीमित नहीं है, बल्कि आस-पास के कई जिलों के लोगों को मिलेगा। इनमें शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सतना जिले के हितग्राही शामिल हैं। शहडोल में होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम में 15 हजार से भी ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहक खुद मौजूद रहेंगे।
शहडोल को मिलेगी 461 करोड़ के विकासकार्यों की सौगात
बोनस बांटने के अलावा, मुख्यमंत्री इस दिन शहडोल जिले के विकास को भी एक नई रफ्तार देंगे। डॉ. मोहन यादव 461.73 करोड़ रुपए की गत वाले कुल 134 अलग-अलग विकासकार्यों का लोकार्पण (उद्घाटन) और भूमि-पूजन (शिलान्यास) करेंगे।
किन-किन विकासकार्यों की सौगात मिलेगी
सीएम 379 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 89 नए विकास कार्यों की नींव रखेंगे। इससे जिले में रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। 82 करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हो चुके 45 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जिन्हें सीधा जनता के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाएगा। कुल मिलाकर, 25 अक्टूबर का दिन मध्य प्रदेश के इन 6 जिलों के विकास और रोजगार के नजरिए से बहुत अहम होने वाला है। सरकार का यह कदम सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर काम करने वाले गरीब और मेहनतकश लोगों को आर्थिक मजबूती देगा।


