CM Mohan Yadav Travels In Delhi Metro: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में मेट्रो से सफर कर पीएम मोदी की मितव्ययता और ईंधन बचत की अपील का पालन किया। शिवाजी स्टेडियम से एरोसिटी तक यात्रा के दौरान उन्होंने आम लोगों से संवाद किया और ग्रीन मोबिलिटी का संदेश दिया।

राजनीति में अक्सर नेताओं के लंबे काफिले, भारी सुरक्षा और वीआईपी संस्कृति चर्चा का विषय बनते हैं। लेकिन गुरुवार को नई दिल्ली की मेट्रो में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आम यात्रियों के बीच मेट्रो ट्रेन में सफर करते नजर आए। बिना किसी दिखावे के किया गया यह सफर अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से दिल्ली एरोसिटी तक मेट्रो से यात्रा की। इस दौरान उन्होंने न केवल यात्रियों से बातचीत की, बल्कि आम लोगों के बीच बैठकर उनकी राय और अनुभव भी सुने। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता और ईंधन बचत की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।

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जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

मेट्रो यात्रा के दौरान कई यात्रियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत की। कुछ महिलाओं ने मध्यप्रदेश की पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उनका आभार जताया। वहीं कुछ यात्रियों ने राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा की और विकास कार्यों को लेकर अपनी राय साझा की। इस पूरे सफर के दौरान मुख्यमंत्री का व्यवहार बेहद सहज और सामान्य दिखा। यही वजह रही कि मेट्रो के अंदर मौजूद कई यात्रियों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और बातचीत की।

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पीएम मोदी की अपील का असर

दरअसल, हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और अनावश्यक खर्चों में कटौती की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए सार्वजनिक परिवहन को अपनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है तो जीवनशैली में अनुशासन लाना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम होने से देश की विदेशी निर्भरता घटेगी और डॉलर की बचत होगी।

मध्यप्रदेश सरकार ने बनाई नई गाइडलाइन

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेते हुए एक नई गाइडलाइन तैयार की है। इसके तहत वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके। उन्होंने बताया कि मंत्रियों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों को भी कम वाहनों के उपयोग और सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पहले ही कम कर चुके हैं काफिले की गाड़ियां

यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सादगी का संदेश दिया हो। इससे पहले भी वह अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर चुके हैं। उन्होंने मंत्रियों से भी अपील की थी कि वे दौरे के दौरान वाहन रैली और बड़े काफिलों से बचें। सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल ईंधन बचाने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन मोबिलिटी को भी बढ़ावा देगी।

‘विकसित भारत’ और ग्रीन मोबिलिटी का संदेश

मुख्यमंत्री ने मेट्रो यात्रा को केवल एक सफर नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन साधन समय बचाने के साथ प्रदूषण कम करने और ऊर्जा संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यदि राजनीतिक नेतृत्व खुद सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करता है तो इससे आम लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाता है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर भरोसा बढ़ता है। नई दिल्ली की मेट्रो में मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह सफर अब केवल एक राजनीतिक तस्वीर नहीं, बल्कि सादगी, अनुशासन और सार्वजनिक भागीदारी के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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