Dewas Balram Krishi Mahotsav में CM मोहन यादव ने किसानों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। रबी फसलों, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में 11 प्रगतिशील किसान सम्मानित हुए।
मध्य प्रदेश में खेती को सिर्फ परंपरा के भरोसे नहीं, बल्कि नई तकनीक और बेहतर तरीकों के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। देवास में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को रबी सीजन की फसलों, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि यंत्रों से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसानों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
देवास के किसानों की तारीफ, कृषि नवाचारों पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देवास के किसान उन्नत तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं। इससे जिला कृषि के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव को किसानों के हित में सराहनीय पहल बताया। यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, जैविक खेती और श्रीअन्न यानी मिलेट मिशन को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।
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रबी की फसलों में कम पानी से अधिक उत्पादन की जानकारी
किसान मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए गेहूं, चना, मसूर और सरसों की प्रमाणित किस्मों के बारे में मार्गदर्शन दिया। खास तौर पर कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों पर जानकारी साझा की गई। मंडी परिसर में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों और कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों को प्राकृतिक खेती, शेडनेट, पॉलीहाउस और फसल प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके समझाए गए।
11 प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
समारोह में कृषि, पशुपालन और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें प्राकृतिक खेती के लिए पवित्रा नागर, आधुनिक खेती के लिए धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, उन्नत पशुपालन के लिए दौलत यादव और उद्यानिकी फसलों के लिए नारायण सिंह सेंधव शामिल रहे। किसान उत्पादक संगठन (FPO) के जरिए मार्केटिंग, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती के सफल प्रयोग करने वाले किसानों के अनुभव भी साझा किए गए।
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