मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा जिले में हाल ही में जहरीले कफ सीरप से 26 बच्चों की दर्दनाक मौत होने के मामले को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है।

मध्यप्रदेश एवं देश में बढ़ता नकली दवा (कोल्ड कफ (सिरप) कारोबार एवं निर्दोष बच्चों की मौत के मामले में आज पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए। साथ ही बताया कि जहर का यह कारोबार कैसे और किसकी मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा-एमपी में जहरीली कफ सिरप के से हुई 26 मासूम बच्चों की मौत पर , मैं कुछ तथ्य पत्रकार वार्ता के माध्यम से रख रहा हूँ। जो मेरे ट्विटर हैंडल, फेसबुक और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। मैंने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है वह भी मेरे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में उपलब्ध रहेगा।

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छिंदवाड़ा परासिया में 26 बच्चों की मौत

दिग्विजय सिंह ने सिरप पर खुलासा करते हुए कहा कि कहा- 2 सितंबर से अब तक छिंदवाड़ा परासिया में जिन 26 बच्चों की मौतें कफ सिरप के सेवन से हुई हैं, उसमें डायएथलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा 48.6% पाई गई थी, जबकि इसकी सुरक्षित सीमा केवल 0.01% होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह इसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि अगर अब जांच में साबित हो गया कि सिरप में जहरीला रसायन मिला था, तो क्या स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद पर बने रहना चाहिए।

दवा कंपनियां इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम देती हैं चंदा

दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिन दवा कंपनियों ने जहरीली दवाएं बेचीं, उन्हें केंद्र की भीजेपी सरकार से संरक्षण मिल रहा है। क्योंकि जहर बनाने वाली यह कंपनियां केंद्र की सत्ताधारी पार्टी को चुनावी फंड जो देती हैं। उन्होंने कहा कि दवा कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से बीजेपी तो कुल 945 करोड़ रुपये चंदा जो दिया है।

हृदयविदारक घटना से कई माताओं की गोद को सूनी

दिग्विजय सिंह ने कहा इस हृदयविदारक हादसे ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कदम-कदम पर बरती गई लापरवाहियों की कलई खोल दी है। दो दर्जन से अधिक माताओं की गोद को सूनी कर देने वाले इस नृशंस काण्ड की निष्पक्ष जाँच कराई जाकर जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए।

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