Independence Day 2026: 15 अगस्त को सीएम हाउस में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 47 पुलिस और होमगार्ड्स अधिकारियों को विशिष्ट सेवा मेडल्स से सम्मानित किया।
भोपाल: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में एक गरियामय समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक, सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति के होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा पदक एवं सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत पुलिस एवं होमगार्ड्स विभाग के 47 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। इस दौरान, पुलिस के आर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीतों, पुलिस के नवागत एवं प्रशिक्षु आरक्षकों ने श्रीकृष्ण लीला एवं जनजातीय पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुति देने वाले पुलिस जवानों की सराहना की और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े पुलिस जवानों के दल को विशेष पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की।
मप्र बना देश का अग्रणी नक्सल मुक्त राज्य
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस प्रदेश में सेवा, सुरक्षा और सुशासन की असली रीढ़ है। हमारा मध्यप्रदेश करीब 35 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ है। पुलिस ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस पर अनमोल तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद मुक्त भारत का संकल्प लिया था। इस संकल्प के साथ मध्य प्रदेश सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हुए आगे बढ़ी। सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है मध्य प्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का अग्रणी राज्य बना है। नक्सल मुक्त भारत के अभियान में मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों और हॉक फोर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे पुलिस जवानों ने कई नक्सलियों का सफाया किया तो कई ने सरकार और पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए। अब ऐसे पूर्व नक्सली भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार लंबे समय तक जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पित है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं पर कार्य करेगी।
अगाध समर्पण का प्रतीक हैं मेडल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराधों और नशे के खिलाफ पुलिस ने जिस तरह से अभियान छेड़ा है, उसके लिए पूरा विभाग बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि आपकी वर्दी पर आज ये जो मेडल सज रहे हैं, वो आपकी अपने काम के प्रति निष्ठा, सजगता और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अगाध समर्पण का प्रतीक हैं। आप सबने अपने अदम्य साहस, शौर्य और जनसेवी भावना से सिर्फ पुलिस विभाग का ही नहीं, पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और होमगार्ड्स के अधिकारी-कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर तत्पर रहते हैं। इनके समर्पण और सेवाभाव से ही समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है। पुलिस समाज में समरसता लाने की दिशा में भी बड़ी भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मिला यह पदक व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं, उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और राष्ट्र तथा समाज के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का भी सम्मान है।
पुलिस विभाग में बंपर भर्तियां और डिजिटल सेवाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का कर्तव्य है। हमारी सरकार ने सबकी पदोन्नति की बाधा दूर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार हमने इस वर्ष अब तक 27 हजार 534 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत कर दिया है, क्योंकि आपके प्रमोशन सरकार के इमोशंस भी जुड़े थे। पुलिस में नई भर्तियां भी जारी है। वर्ष 2023 से अब तक 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का पुलिस में चयन किया गया। इस साल हमने 9 हजार 751 पुलिस कर्मियों की नई भर्तियों के लिए मंजूरी दे दी है। प्रदेश में चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान को अपार जनसमर्थन मिल रहा है। थानों और पुलिस के वरिष्ठ कार्यालयों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ दिया गया है।
24 घंटे ड्यूटी करने वाले जांबाज जवान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस में से एक है। गृह विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने कार्य की दक्षता से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। अपनी विशिष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को मिले यह मेडल उनके समर्पण और परिश्रम का ही फल हैं। हमारे पुलिस जवान बिना किसी सप्ताह अवकाश के 24 घंटे सातों दिन अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहते हैं। उनकी ड्यूटी ऐसी है कि कई बार कार्य की सराहना कम और आलोचना ज्यादा होती है। फिर भी वे भगवान महादेव नीलकंठ के समान हर परिस्थिति में आलोचनाओं का सामना करते हुए सतत रूप से कर्तव्य का निर्वहन करते जाते हैं। यह बात सही है कि 112 का सायरन सुनते ही अपराधी नौ-दो- ग्यारह हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी कोई नागरिक संकट में होता है तो उसे पुलिस की याद आती है। पुलिस भी उनके विश्वास पर खरी उतरती है और सबसे पहले नागरिकों को मदद पहुंचा कर अपना धर्म निभाती है। आज स्वतंत्रता दिवस पर जांबाज़ पुलिस अधिकारियों को सम्मानित कर अत्यंत गौरवान्वित महसूस किया।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान ऐतिहासिक उपलब्धि: पंकज श्रीवास्तव
विशेष पुलिस महानिदेशक (अपराध अन्वेषण) पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान मध्यप्रदेश पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मध्य प्रदेश का नक्सलवाद मुक्त होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। वर्तमान दौर में एआई, ड्रोन और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस स्वयं को आधुनिक भी बना रही है। राज्य में ई एफआईआर, सायबर पुलिसिंग, सीसीटीएनएस जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के सभी थानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा रहा है। गत माह से 25 हजार टैबलेट के उपयोग से अपराधों की विवेचना को पेपरलेस बनाया गया है। नशे से दूरी है जरूरी 2.0 और साइबर जागरूकता के लिए सेफ क्लिक अभियान ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। प्रदेश के जागरूक नागरिक ही साइबर सिक्योरिटी की दीवार है। पुलिस विभाग में बल की कमी दूर करने के लिए भर्ती अभियान जारी है। पुलिस के 14 हजार से अधिक पदों पर चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हाल ही में 9 हजार से अधिक नए पदों पर भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। पुलिस बैंड के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही तीन नई राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की बटालियन भी बनाई जाएगी। मध्यप्रदेश पुलिस सिंहस्थ - 2028 में आधुनिक सुरक्षा मॉडल को पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।


