इंदौर में 150 करोड़ से देवी अहिल्याबाई स्मारक बन रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसके निर्माण का निरीक्षण किया। इसमें 3डी प्रोजेक्शन और लाइट एंड साउंड शो होंगे। साथ ही ऐतिहासिक धरोहरों का भी विकास होगा।

इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके योगदान को यादगार बनाने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को लालबाग पैलेस के पास बन रहे इस स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए स्मारक का विकास किया जाए। परियोजना के पहले चरण में 40 करोड़ रुपये के काम किए जाएंगे।

लालबाग पैलेस समेत ऐतिहासिक धरोहरों का होगा विकास

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि देवी अहिल्याबाई होलकर स्मारक के साथ लालबाग पैलेस, रामपुर कोठी, चंपा बावड़ी और शिव मंदिर को भी एकीकृत विकास योजना में शामिल किया जाए। इससे पर्यटक एक ही योजना के तहत इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देख सकेंगे।
  • उन्होंने कहा कि पुरानी इमारतों का संरक्षण करते समय उनके मूल स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। साथ ही, पर्यटकों की सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम भी किए जाएं।

रामपुर कोठी का भी हो रहा जीर्णोद्धार

  • मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक रामपुर कोठी में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का भी जायजा लिया। यहां इमारत की बाहरी दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक चूना तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, छतों पर पानी से बचाव के लिए वॉटरप्रूफिंग का काम किया जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित जानकारी देने और सभी काम तय समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।
  • पुराने आरटीओ भवन और रामपुर कोठी की जमीन पर विकसित हो रही इस परियोजना का मकसद देवी अहिल्याबाई के जीवन, न्यायप्रियता, सुशासन और जनसेवा से लोगों को परिचित कराना है।

3D प्रोजेक्शन और लाइट एंड साउंड शो होंगे खास

  • स्मारक में आधुनिक तकनीक की मदद से देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और कार्यों को दिखाया जाएगा। इसके लिए डिजिटल प्रस्तुतियां, 3D प्रोजेक्शन, चित्र, म्यूरल्स, लाइट एंड साउंड शो और संग्रहालय विकसित किए जाएंगे।
  • इनके जरिए विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को उनके जीवन, जनकल्याण के कामों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में योगदान के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने प्रवेश मार्ग और पूरे परिसर को पर्यटकों की सुविधा के अनुसार तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस परियोजना का काम देवी अहिल्याबाई होलकर स्मारक ट्रस्ट, इंदौर और मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।