मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुंबई बैठकों में MP को करीब ₹90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। फार्मा, ऊर्जा, टेक्सटाइल, सीमेंट और डेटा सेंटर परियोजनाओं पर चर्चा हुई।

मुंबई। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए राज्य सरकार उद्योग जगत के साथ लगातार संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में विभिन्न उद्योग समूहों और निवेशकों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। दिनभर चली बैठकों में प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

इन बैठकों में फार्मा, सीमेंट, टेक्सटाइल, दूरसंचार उपकरण, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट, अक्षय ऊर्जा और हरित अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं, निवेश प्रोत्साहन नीतियों और संभावित परियोजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं, केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि और कुशल कार्यबल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारा जाए और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए जरूरी सहयोग और अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

MP Investment News: अवादा समूह ने ₹22,156 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया

अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अवादा समूह के अध्यक्ष प्रशांत चौबे ने मुख्यमंत्री के साथ सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, नियमित उपलब्धता वाली नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर चर्चा की। समूह वर्ष 2013-14 से मध्यप्रदेश में काम कर रहा है। नीमच में 151 मेगावाट और आगर सोलर पार्क में 280 मेगावाट की सौर परियोजनाएं प्रदेश में उसकी मौजूदा उपस्थिति का हिस्सा हैं। कंपनी ने कुल 2,362 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए ₹22,156 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसमें पचोरा में 6,616 करोड़ रुपये, ईशानगर में 3,250 करोड़ रुपये और नीमच में 12,290 करोड़ रुपये के निवेश की योजना शामिल है।

बैठक में परियोजनाओं के पंजीकरण, सरकारी भूमि के आवंटन और भूमि अधिकारों को पट्टे या हस्तांतरण के माध्यम से उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। आगर मालवा में पवन ऊर्जा परियोजना का पंजीकरण 201.3 मेगावाट से बढ़ाकर 264 मेगावाट करने का विषय भी सामने आया। समूह ने परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाने के लिए एकल-खिड़की व्यवस्था के तहत सहयोग की अपेक्षा जताई।

JSW Group MP: सीमेंट, पेंट और इस्पात कारोबार के विस्तार पर चर्चा

जेएसडब्ल्यू समूह के पार्थ जिंदल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश में समूह की मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों और विस्तार योजनाओं पर बातचीत की। प्रदेश में समूह की गतिविधियों में ग्वालियर में पेंट, धार में इस्पात, पन्ना में चूना पत्थर खनन और दमोह जिले के गैसाबाद तथा हटा में सीमेंट से जुड़े काम शामिल हैं। बैठक में सीमेंट और पेंट कारोबार के विस्तार, पहले से चल रही परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और भविष्य में नए निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। समूह ने अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।

Pithampur Pharma Investment: एनक्यूब एथिकल्स लगाएगी ₹1,200 करोड़ से ज्यादा

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश के लिए नए निवेश की संभावना सामने आई। एनक्यूब एथिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मेहुल मधुसूदन शाह ने मुख्यमंत्री से कंपनी के विनिर्माण विस्तार पर चर्चा की। कंपनी की स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में पहले से एक इकाई है। अब उसने दो फार्मा परियोजनाओं के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से 800 से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।

प्रस्ताव में मौजूदा पीथमपुर इकाई के दूसरे चरण का विस्तार शामिल है। इसके अलावा, पास की 20 एकड़ से अधिक जमीन पर स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक दवाओं यानी आंखों में इस्तेमाल होने वाली औषधियों के निर्माण के लिए नई इकाई स्थापित करने की योजना है। इस नई इकाई के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। बैठक में परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और मध्यप्रदेश को कंपनी के विनिर्माण तथा निर्यात के आधार के रूप में विकसित करने पर विचार किया गया।

Hindustan Unilever Chhindwara: ₹1,000 करोड़ तक के विस्तार की योजना

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के दक्षिण एशिया सप्लाई चेन के कार्यकारी निदेशक योगेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री से छिंदवाड़ा जिले के लहगडुआ स्थित कंपनी के विनिर्माण संयंत्र के विस्तार पर चर्चा की। कंपनी ने सर्फ एक्सेल और व्हील के लिए नई स्प्रे-ड्राइड डिटर्जेंट विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए भूमि की लागत को छोड़कर 800 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये तक निवेश की योजना है।

प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2027 से 2030 के बीच चरणबद्ध तरीके से संयंत्र का विकास किया जाएगा। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 लाख से 8 लाख टन तक रखने की योजना है। परियोजना से करीब 700 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

नई इकाई के लिए 35 से 40 एकड़ जमीन, प्रतिदिन 1,000 किलोलीटर पानी और 5,000 केवीए बिजली क्षमता की जरूरत बताई गई। कंपनी ने शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन व्यवस्था अपनाने की बात भी रखी। बैठक में मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना-2025 के तहत अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और परियोजना के विस्तार में राज्य सरकार के सहयोग पर चर्चा हुई।

Gwalior Telecom Manufacturing: ₹200 करोड़ की इकाई लगाएगी स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज

दूरसंचार उपकरण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के लिए स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने ग्वालियर में नई इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रा शेखर ने मुख्यमंत्री के साथ इस परियोजना पर चर्चा की। प्रस्ताव के तहत ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में 200 करोड़ रुपये की लागत से एआई-संचालित और निर्यातोन्मुख दूरसंचार उपकरण विनिर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी। कंपनी की योजना है कि इकाई के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा निर्यात किया जाए। परियोजना से लगभग 1,000 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।

इस प्रस्ताव की एक खास बात रोजगार में महिलाओं और दिव्यांगजनों की भागीदारी को लेकर है। कंपनी ने कार्यबल में 70 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत दिव्यांगजनों की भागीदारी की परिकल्पना की है। बैठक में इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पर चर्चा हुई।

MP Data Center Investment: सिफी टेक्नोलॉजीज की हाइपरस्केल डेटा सेंटर में रुचि

सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के डेटा सेंटर कारोबार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शरद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश में डेटा सेंटर अधोसंरचना विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। कंपनी ने हाइपरस्केल, एआई-रेडी और एज डेटा सेंटर स्थापित करने में रुचि दिखाई। ऐसे केंद्रों के संचालन के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा, फाइबर कनेक्टिविटी और भविष्य में विस्तार के लिए पर्याप्त जमीन जरूरी होती है। बैठक में इन सुविधाओं की उपलब्धता, पात्र निवेश प्रोत्साहनों और प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाने के लिए एकल-खिड़की व्यवस्था के तहत सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।

Blackstone और Vanraj Realty: लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट में ₹1,000 करोड़ तक निवेश की संभावना

ब्लैकस्टोन के प्रबंध निदेशक आलोक जैन और वनराज रियल्टी एलएलपी के राजीव अजमेरा ने मुख्यमंत्री के साथ लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत की। ब्लैकस्टोन की फिलहाल मध्यप्रदेश में उपस्थिति नहीं है। बैठक में करीब 500 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के संदर्भ में प्रमुख स्थानों पर उपयुक्त सरकारी राजस्व भूमि उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। निवेशकों ने प्रोत्साहन प्रक्रिया को स्पष्ट बनाने और आवश्यक अनुमतियों तथा स्वीकृतियों का शीघ्र निराकरण करने जैसे मुद्दे भी उठाए।

Infra Market Investment: निर्माण सामग्री क्षेत्र में ₹200 करोड़ का प्रस्ताव

हेला इन्फ्रा मार्केट लिमिटेड के सह-संस्थापक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं निदेशक सौविक सेनगुप्ता ने निर्माण सामग्री क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। कंपनी वर्ष 2016 से मध्यप्रदेश में काम कर रही है। कंपनी ने 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे लगभग 250 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। बैठक में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, स्थानीय आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और उपयुक्त औद्योगिक स्थानों की पहचान करने पर बातचीत हुई। कंपनी ने भूमि, अधोसंरचना, आवश्यक अनुमतियों और पात्र प्रोत्साहनों के संबंध में राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।

D&H India: इंदौर के पास ₹300 करोड़ का निवेश प्रस्ताव

डी एंड एच इंडिया लिमिटेड के निदेशक सौरभ वोरा ने मुख्यमंत्री के साथ वेल्डिंग सामग्री और इससे जुड़ी विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की। कंपनी वर्ष 1974 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है और इसके कार्यालय मुंबई तथा इंदौर में हैं। कंपनी ने इंदौर के निकट लगभग 25 एकड़ जमीन पर 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 500 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। बैठक में परियोजना के लिए भूमि, अधोसंरचना, जरूरी स्वीकृतियों और पात्र निवेश प्रोत्साहनों पर चर्चा हुई। कंपनी ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग की अपेक्षा की।

Eversource Investment MP: ई-बस, बायोगैस और स्मार्ट मीटर में ₹3,500 करोड़ का निवेश

हरित अधोसंरचना क्षेत्र में एवरसोर्स कैपिटल की कार्यकारी निदेशक खुशबू शाहानी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से निवेश और नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रदेश में समूह का करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्रतिबद्ध निवेश पहले से प्रगतिरत है। इससे लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों की संभावना बताई गई है।

समूह की परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • इलेक्ट्रिक बसें: ग्रीनसेल के माध्यम से पीएम ई-बस सेवा के तहत 682 इलेक्ट्रिक बसों में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश।
  • बायोगैस: एवरएनवायरो के इंदौर और प्रस्तावित भोपाल बायोगैस संयंत्रों से लगभग 350 करोड़ रुपये का निवेश।
  • स्मार्ट मीटर: एनर्जीमार्क और अल्फानार के माध्यम से भोपाल एवं जबलपुर की बिजली वितरण कंपनियों के लिए 23 लाख स्मार्ट मीटर की परियोजनाओं में करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश।
  • बैठक में चल रही परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों के समाधान, निवेश विस्तार और नए अवसरों पर विचार किया गया।

MP Textile Investment: मीरा कॉटन का ₹2,000 करोड़ का प्रस्ताव, 4,000 रोजगार की उम्मीद

टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में मीरा कॉटन एंड सिंथेटिक मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने मध्यप्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 4,000 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। कंपनी के निदेशक जय जयेश शाह और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जयेश शाह ने मुख्यमंत्री के साथ निवेश योजनाओं पर चर्चा की।

कंपनी पॉलिएस्टर टेक्सचर्ड यार्न, निटेड फैब्रिक और गारमेंट का एकीकृत विनिर्माण करती है। इसके मौजूदा संयंत्र भिवंडी और सिलवासा में हैं। मध्यप्रदेश में नई इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अधोसंरचना, औद्योगिक सुविधाओं और पात्र निवेश प्रोत्साहनों से जुड़े सहयोग के मुद्दे उठाए गए।

Sunteck Realty: GCC, डेटा सेंटर और वेयरहाउसिंग में निवेश की रुचि

सनटेक रियल्टी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमल खेतान ने मुख्यमंत्री के साथ रियल एस्टेट और शहरी अधोसंरचना में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। कंपनी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों में रुचि व्यक्त की। बैठक में उपयुक्त सरकारी राजस्व भूमि उपलब्ध कराने, पात्र प्रोत्साहनों की प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों तथा स्वीकृतियों के शीघ्र निराकरण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

Indian Diamond Cement: ₹3,000 करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव

सीमेंट और अधोसंरचना क्षेत्र में इंडियन डायमंड सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी के निदेशक रुद्र प्रताप त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से परियोजना को लेकर चर्चा की। कंपनी की मध्यप्रदेश के सतना जिले में पहले से मौजूदगी है। नए प्रस्ताव से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

बैठक में पन्ना जिले की गुनौर तहसील में लगभग 1,000 एकड़ जमीन के स्वामित्व से जुड़े विषयों और खनिज ब्लॉक पर शीघ्र कार्रवाई की जरूरत पर चर्चा हुई। इसके अलावा भूमि और पानी की उपलब्धता, परियोजना जल्द शुरू करने के लिए एकल-खिड़की स्वीकृतियों तथा बिक्री कर और अन्य प्रोत्साहनों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।

MP Industrial Investment: रोजगार और औद्योगिक विस्तार पर सरकार का जोर

मुंबई में हुई बैठकों में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में नई इकाइयां स्थापित करने, मौजूदा परियोजनाओं का विस्तार करने और आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना विकसित करने में रुचि दिखाई। अक्षय ऊर्जा, फार्मा, उपभोक्ता वस्तुओं, दूरसंचार उपकरण, डेटा सेंटर, टेक्सटाइल और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में आए प्रस्ताव राज्य के औद्योगिक निवेश आधार को व्यापक बनाने की संभावनाएं रखते हैं। हालांकि, इन प्रस्तावों को वास्तविक निवेश और रोजगार में बदलने के लिए भूमि आवंटन, जरूरी अनुमतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर जरूरी स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की प्राथमिकता प्रस्तावों को जमीन पर उतारना, औद्योगिक गतिविधियों को गति देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।