इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर विवाद। कांग्रेस ने 30 से ज़्यादा मौतों का दावा कर मंत्री के इस्तीफे की मांग की। वहीं, प्रशासन ने 6 मौतों की पुष्टि करते हुए जांच समिति बनाई है।

भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को इंदौर के भागीरथपुरा में पानी दूषित होने की घटना को लेकर भाजपा की राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में 30 से ज़्यादा मौतें हुई हैं और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता ने उस इलाके के विधायक और राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की भी मांग की और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर इंदौर को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया।

पटवारी ने कहा, "17 नहीं, बल्कि 30 से ज़्यादा मौतें हुई हैं। भाजपा के गुंडे और प्रशासन मीडिया को वहां की स्थिति देखने से रोक रहे हैं। अगर घर-घर जाकर सर्वे किया जाए, तो मौतों का असली आंकड़ा सामने आएगा। मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और मेयर व संबंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज होनी चाहिए। सीएम मोहन यादव इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं लेकिन उन्होंने कभी यह ज़िम्मेदारी नहीं निभाई। सीएम यादव को भी अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास होना चाहिए और उन्होंने इंदौर को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मुझे विश्वास है कि इंदौर की जनता इन मौतों का जवाब देगी।"

इस बीच, इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने कहा कि 4 जनवरी तक आधिकारिक मौत का आंकड़ा सिर्फ 6 था। फिर भी, मौत के ऑडिट के लिए एक समिति बनाई गई है और इसकी रिपोर्ट आज शाम तक मिलने की उम्मीद है। उसके बाद, सही आंकड़ा पता चल पाएगा। डायरिया की बीमारी से हुई मौतें, जो हमने कल बताई थीं, वो 6 थीं। समिति इस दौरान हुई अन्य सभी मौतों की जांच कर रही है। उनके दस्तावेज़ों की जांच करने और रिपोर्ट मिलने के बाद, हम आपको शाम को अपडेट करेंगे।"

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी दूषित होने की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है क्योंकि इसमें कई लोगों की जान चली गई और कई परिवार इससे प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सभी प्रभावित लोगों के लिए मुफ़्त इलाज की घोषणा की थी।