मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में ऑयल कंपनियों ने पर्याप्त स्टॉक की जानकारी दी। सरकार ने जिलावार निगरानी, डीलर स्तर पर स्टॉक समीक्षा और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं।

भोपाल। अपर मुख्य सचिव (खाद्य) श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने गुरुवार को मंत्रालय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी की कोई स्थिति नहीं है और सभी जिलों में आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर हुई पेट्रोलियम पदार्थों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में मंत्रालय में यह बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।

ऑयल कंपनियों को जिलावार संपर्क बनाए रखने के निर्देश

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे जिलावार अपने फील्ड अधिकारियों और डिपो प्रभारियों को सक्रिय रखें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी संबंधित संभागायुक्त और जिला कलेक्टर से लगातार संपर्क बनाए रखें और समय-समय पर पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक की जानकारी उपलब्ध कराते रहें। इससे किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी के निर्देश

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की जमाखोरी या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में नहीं होने दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जाए और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।

डीलर स्तर पर रोजाना स्टॉक की समीक्षा

सरकार ने यह भी निर्देश दिए कि पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों के डीलर स्तर पर रोजाना स्टॉक की समीक्षा की जाए ताकि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बना रहे। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी न हो और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में कई अधिकारी और कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद

इस समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित विभिन्न ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।