आमतौर पर शिफ्ट खत्म होने के बावजूद कर्मचारियों को काम करते देखा जा जाता है। लेकिन इंदौर की एक आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को काम के तनाव से मुक्त करने एक अनूठा प्रयास किया है। यहां कोई भी कर्मचारी ओवरटाइम नहीं करता।

इंदौर(मध्य प्रदेश). आमतौर पर शिफ्ट खत्म होने के बावजूद कर्मचारियों को काम करते देखा जा जाता है। लेकिन इस आईटी कंपनी में ऐसा नहीं होता है। इंदौर की एक आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को काम के तनाव से मुक्त करने एक अनूठा प्रयास किया है। यहां कोई भी कर्मचारी ओवरटाइम नहीं करता। सच तो यह है कि यहां कंपनी किसी भी कर्मचारी को ओवरटाइम नहीं करने देती। पढ़िए क्यों सोशल मीडिया पर वायरल है ये कंपनी?

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

डेस्कटॉप पर लिखा आ जाता है कि आपकी शिफ्ट पूरी हो गई, आप घर जाइए

इंदौर बेस्ड साफ्टग्रिड कंप्यूटर्स(SoftGrid Computers) की एचआर एक्सपर्ट तन्वी खंडेलवाल ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर एक पोस्ट डाली है। इसमें लिखा गया है कि उनकी कंपनी ने महिलाओं की सेहत का ध्यान रखने के लिए कर्मचारियों के कंप्यूटर पर एक रिमाइंडर फिट किया है।

लिंक्डइन पर पोस्ट फोटो में कर्मचारियों के लिए लिखा दिखा कि आपकी शिफ्ट खत्म हो गई है। दफ्तर का सिस्टम 10 मिनट में बंद हो जाएगा। कृपया आप घर जाएं।

कर्मचारियों को समय पर लॉग आउट करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर की कंपनी ने यह अनूठा तरीका निकाला है। शिफ्ट का समय पूरा होते ही यह कर्मचारियों को अलर्ट कर देता है।

तन्वी खंडेलवाल लिखती हैं-"मेरे एम्पलायर #WorkLifeBalance का समर्थन करता है। उन्होंने यह विशेष रिमाइंडर डाला, जो काम के घंटों के बाद मेरे डेस्कटॉप को लॉक कर देता है और चेतावनी जारी करता है।"

उन्होंने कहा कि इस तरह के कल्चर में काम करने से किसी को मंडे मोटिवेशन या फन फ्राइडे की जरूरत नहीं होती है, ताकि उनका मूड अच्छा हो सके।

तन्वी ने कहा, "यह हमारे कार्यालय की रियलिटी है। हां, इस युग में हम फ्लेग्जिबल वर्किंग ऑवर्स और खुशनुमा माहौल में विश्वास करते हैं।"

तन्वी की पोस्ट शेयर किए जाने के बाद से उसे लाखों लाइक और हजारों कमेंट्स मिल चुके हैं। इस पोस्ट की प्रोफेशनल्स द्वारा सराहना की जा रही है। उनका तर्क है कि यह वर्क लाइफ बैलेंस को बढ़ावा देता है, जिसके महत्व को कोरोना महामारी के बाद के युग में और भी अधिक महसूस किया जा रहा है।

एक यूजर ने लिखा कि " सही संस्कृति बनाने का एक अद्भुत तरीका।"

एक अन्य यूजर ने लिखा कि वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए एक कंपनी को एक प्रोएक्टिव अप्रोच लेते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है! बिजनेस के घंटों के बाहर काम न करने का रिमाइंडर एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण इशारा है, जो कर्मचारी की भलाई पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। किसी कंपनी को केवल बॉटम लाइन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपने कर्मचारियों की मेंटल हेल्थ और खुशी को प्रायोरिटी देते देखना रिफ्रेशिंग है।

हालांकि, कुछ का मानना है कि वर्क-लाइफ बैलेंस को थोपना अच्छा आइडिया नहीं है। एक लिंक्डइन यूजर ने कहा, "यह रिवर्स साइकोलॉजी है, जो समय सीमा को जल्दी पूरा करने के लिए दबाव बनाएगा। हमें मानवीय व्यवहार को नियंत्रित करने से बचना चाहिए और कर्मचारियों को अपनी समयसीमा का प्रबंधन करने देना चाहिए।"

एक अन्य ने दावा किया, "मुझे लगता है कि यह कंपनी की एक अच्छी तरह से रिसर्च की गई, एक काम पूरा करने के लिए टाइट टाइमल फ्रेम बनाकर कर्मचारियों पर अधिक दबाव बनाने की कूटनीतिक चाल है।"

यह भी पढ़ें

बंदूक की गोली हो या बम के छर्रे, हर हमले से VVIP की जान बचाएगा यह जैकेट, जानें इसकी खास बातें

तालियों की गूंज के साथ कुछ इस अंदाज में भारतीय सेना को मिली तुर्किए से विदाई, देखें खास तस्वीरें