सीएम मोहन यादव ने कान्हा नेशनल पार्क की जैव विविधता की सराहना की। उन्होंने बारहसिंगा संरक्षण, चीता परियोजना और 8 जंगली भैंसों के पुनर्वास का जिक्र किया।

भोपाल/मंडला। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 अक्टूबर को मंडला पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कान्हा नेशनल पार्क की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कान्हा अपनी प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के लिए खास पहचान रखता है। यहां बाघ, तेंदुए और बारहसिंगा समेत कई वन्यजीव अपने प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बारहसिंगा के संरक्षण और पुनर्वास में कान्हा की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी इस प्रजाति को यहां नया जीवन मिला है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि देश की प्राकृतिक विरासत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं।

Kanha National Park: बारहसिंगा संरक्षण में कान्हा की अहम भूमिका

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कान्हा नेशनल पार्क में बारहसिंगा के संरक्षण और उनके पुनर्वास के लिए उल्लेखनीय काम हुआ है। एक समय इस प्रजाति के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा था, लेकिन संरक्षण के प्रयासों से इसे फिर से फलने-फूलने का अवसर मिला। कान्हा की यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की समृद्ध वन्यजीव विरासत और प्रकृति को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को करीब से देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं। यहां उन्हें प्रकृति को करीब से जानने और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने का अवसर मिलेगा।

Cheetah Project: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही चीता परियोजना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीता परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परियोजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। भारत में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयास प्राकृतिक विरासत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से देश की जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिल रही है। चीता परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Wild Buffalo Rehabilitation: कान्हा में बसाए गए आठ जंगली भैंसे

सीएम मोहन यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सहयोग से जंगली भैंसों के पुनर्वास के लिए की गई पहल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत कान्हा में कुल आठ जंगली भैंसों को बसाया गया है। इनमें छह मादा और दो नर जंगली भैंसे शामिल हैं। इस पहल को वन्यजीव संरक्षण और प्रजातियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे कान्हा की वन्यजीव विविधता को और समृद्ध बनाने के प्रयासों को मजबूती मिली है।

Wildlife Conservation: बाघ, तेंदुए, घड़ियाल और मगरमच्छों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाघ, तेंदुए, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। इन प्रजातियों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को बचाए रखना गर्व की बात है। इसके लिए सरकार, वन विभाग और आम लोगों की भागीदारी भी अहम है।