मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 26,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी दी। OBC छात्रों की छात्रवृत्ति 10 हजार रुपये हुई, सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजना, मेडिकल कॉलेज विस्तार और 38 हजार आंगनवाड़ियों के विद्युतीकरण को स्वीकृति मिली।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 28 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी दी। इनमें सड़क निर्माण, सिंचाई, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, आंगनवाड़ियों का विद्युतीकरण और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

OBC Scholarship Hike: पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति 1,550 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये

कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रगृह योजना-2005 में बड़ा बदलाव किया है। अब दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत हर साल 100 नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा। इनमें 50 सीटें ग्रेजुएशन और 50 सीटें पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों के लिए निर्धारित की गई हैं। जो विद्यार्थी पहले से योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें कोर्स पूरा होने तक सहायता मिलती रहेगी। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि छात्रवृत्ति राशि को 1,550 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इस योजना का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जो पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के पात्र होंगे और जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय सरकार द्वारा तय सीमा के भीतर होगी।

Lakhundar Irrigation Project: लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 155 करोड़ रुपये की मंजूरी

कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 155 करोड़ 82 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के 17 गांव और उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 गांवों सहित कुल 24 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे लगभग 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकेगी।

परियोजना के तहत लखुंदर नदी पर मक्सी के पास पहले से बने जलाशय से 24.37 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी का उपयोग किया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है।

MP Road Development Plan: लोक निर्माण विभाग के लिए 26,311 करोड़ रुपये स्वीकृत

प्रदेश में सड़क और भवन संबंधी विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग की 2026 से 2031 तक की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी है। इसके लिए लगभग 26 हजार 311 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग सड़कों के नवीनीकरण, सरकारी कार्यालयों की स्थापना, मरम्मत, शासकीय आवासों के अनुरक्षण और भू-अर्जन मुआवजे जैसे कार्यों में किया जाएगा।

इन योजनाओं में मुख्यालय और मंडल कार्यालयों की स्थापना तथा मरम्मत के लिए 6,180 करोड़ 57 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि योजनाओं के लिए 6,925 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। एफ-टाइप और उससे उच्च श्रेणी के सरकारी आवास एवं गैर-आवासीय भवनों के अनुरक्षण कार्य के लिए 1,680 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। भू-अर्जन मुआवजे के लिए 6,500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा भारतीय सड़क कांग्रेस को अनुदान और डिक्री भुगतान के लिए 25 करोड़ 50 लाख रुपये तथा मुख्य जिला मार्गों और अन्य जिला मार्गों के नवीनीकरण के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

Gandhi Medical College Bhopal: पीजी सीट बढ़ाने के लिए 79 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रदेश में बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कैबिनेट ने भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के लिए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत रेडियोथैरेपी विभाग की ओपीडी, लीनियक मशीन बंकर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथ लैब के निर्माण कार्य के लिए 14 करोड़ 8 लाख रुपये की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई।

इसके साथ ही कुल 79 करोड़ 16 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इससे मेडिकल शिक्षा और कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Rewa Medical College Expansion: श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के विस्तार को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए भी पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। पहले इस परियोजना के लिए 164 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत थे, जिसे बढ़ाकर अब 174 करोड़ 80 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे रीवा और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

Anganwadi Electrification Scheme: 38 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी भवनों में होगी बिजली व्यवस्था

कैबिनेट ने प्रदेश की 38 हजार 901 आंगनवाड़ी इमारतों में बाह्य विद्युतीकरण योजना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि में 80 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश में कुल 97,882 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 38,901 विभागीय भवनों में बिजली की व्यवस्था की जाएगी। विद्युतीकरण के बाद आंगनवाड़ी भवनों में ट्यूबलाइट, पंखा, कूलर, स्मार्ट टीवी और वॉटर प्यूरीफायर जैसी सुविधाओं का उपयोग किया जा सकेगा। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा और अन्य सेवाएं मिल सकेंगी।