मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मप्र को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब तक 2706 केस दर्ज कर 46313 किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया है। शिक्षण संस्थानों के पास सख्ती और हेल्पलाइन 14446 शुरू की गई है।

भोपाल। मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस को मिलकर लगातार काम करना होगा। इसके लिए शहरों में नशे के हॉट स्पॉट पर खास नजर रखने को कहा गया है।

हर महीने होगी अभियान की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर हर महीने नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा की जाए। साथ ही केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के साथ प्रदेश की गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जाए।

नशे के मामलों में 2706 केस दर्ज

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के उत्पादन, बिक्री, सेवन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस साल अगस्त 2026 तक प्रदेश में 2706 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 3690 आरोपियों से करीब 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया है।

पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग को जरूरत के मुताबिक संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई पर रोक लगाने के साथ-साथ ऐसे इलाकों की पहचान भी की जाए, जहां नशीले पदार्थों का कारोबार ज्यादा हो रहा है।

स्कूल-कॉलेज के आसपास भी रहेगी नजर

अधिकारियों ने बताया कि शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग्स फ्री बनाने पर काम किया जा रहा है। प्रतिबंधित कफ सिरप की जब्ती, नशा मुक्त मित्रों की मदद और जिलों में नशा मुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने की दिशा में भी काम जारी है।

14446 हेल्पलाइन की सुविधा

नशे से जुड़ी जानकारी और मदद के लिए नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 की व्यवस्था भी लागू की गई है। प्रशासन का फोकस नशे की तस्करी और बिक्री पर कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने और नशा छोड़ने में मदद देने पर भी है।