CM मोहन यादव ने भोपाल में कर्मचारी और श्रमिक संगठनों से संवाद किया। बैठक में प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति, श्रमिकों की समस्याओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहम पहल की है। भोपाल स्थित मंत्रालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने विभागों को संबंधित संगठनों के साथ लगातार संपर्क में रहने पर जोर दिया, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।
CM मोहन यादव ने कर्मचारियों के हितों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आगे बढ़ने के अवसर देना है। इसके लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से हल करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कर्मचारी संगठनों और श्रमिक संघों की भूमिका रचनात्मक रही है और आपसी बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।
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प्रमोशन और अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर भी चर्चा
बैठक में पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मामलों के जल्द निराकरण का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इन प्रकरणों को तेजी से निपटाने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया। हालांकि, बैठक में किसी नई वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते (DA) या कर्मचारियों के लिए किसी नई आर्थिक राहत की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इन मुद्दों पर किसी फैसले की उम्मीद करने वाले कर्मचारियों को आधिकारिक आदेशों का इंतजार करना होगा।
बैठक में डिप्टी CM समेत कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
मंत्रालय में हुई इस बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल शामिल हुए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और भारतीय मजदूर संघ समेत विभिन्न कर्मचारी एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
इस संवाद का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं को सुनना तथा उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। अब देखना होगा कि इस बातचीत के बाद लंबित मामलों के निपटारे में कितनी तेजी आती है।
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