मध्यप्रदेश अब सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने India Semiconductor Mission 2.0 में अग्रणी भूमिका का दावा किया। इंदौर में 23-24 अक्टूबर को MP Semiconductor Summit 2026 होगी।

भोपाल: मोबाइल से लेकर कार, कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, आज की दुनिया की रफ्तार एक छोटी सी चिप पर टिकी है। जिस सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र को कभी भारत के लिए दूर की मंजिल माना जाता था, अब मध्यप्रदेश भी उसमें अपनी जगह बनाने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के India Semiconductor Mission 2.0 के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

इसी दिशा में प्रदेश सरकार ने इंदौर में 23 और 24 अक्टूबर को MP Semiconductor Summit 2026 आयोजित करने का फैसला किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में समिट के कैम्पेन पोस्टर का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नीति-निर्धारकों को इस ग्लोबल समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

सिर्फ चिप नहीं, Data Center और नई टेक्नोलॉजी पर भी नजर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुताबिक, मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में कई प्रकल्पों पर काम हो रहा है। सरकार की कोशिश केवल उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस सेक्टर के जरिए प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार करने की भी है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब मध्यप्रदेश में चिप निर्माण की दिशा में सोचना भी मुश्किल माना जाता था, लेकिन अब प्रदेश ने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ठोस फैसले लिए हैं।

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इंदौर की समिट क्यों हो सकती है अहम?

MP Semiconductor Summit 2026 को प्रदेश के लिए निवेश आकर्षित करने का बड़ा मंच माना जा रहा है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री केवल फैक्ट्री लगाने का मामला नहीं है। इसके साथ हाई-स्किल रोजगार, रिसर्च, सप्लाई चेन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकी कंपनियों का पूरा इकोसिस्टम जुड़ता है। ऐसे में इंदौर की यह समिट यह तय करने में अहम हो सकती है कि मध्यप्रदेश देश के उभरते टेक्नोलॉजी मैप पर कितनी मजबूत जगह बना पाता है।

25 नई नीतियों के सहारे निवेश की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से 25 नई नीतियां लागू की हैं। सरकार का दावा है कि इन नीतियों के जरिए प्रक्रियाओं को सरल और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अक्टूबर में होने वाली MP Semiconductor Summit केवल चर्चा और घोषणाओं तक सीमित रहेगी या मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर निवेश की वास्तविक दौड़ में नई पहचान दिलाएगी? आने वाले महीनों में इसका जवाब सामने आ सकता है।

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