जबलपुर के गौरीघाट पर नर्मदा नदी में पेट्रोलिंग कर रही होमगार्ड की मोटर बोट तेज बहाव में फंसकर डूब गई। बोट में करीब 15 लोग सवार थे। लाइफ जैकेट और स्थानीय नाविकों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
जिस मोटर बोट को नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए उतारा गया था, वही अचानक तेज बहाव में फंसकर डूब गई। जबलपुर के गौरीघाट पर हुए इस हादसे में करीब 15 लोगों की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन लाइफ जैकेट और स्थानीय नाविकों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सवाल सिर्फ बोट के इंजन पर नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे हैं।
बरगी डैम के 13 गेट खुले थे, तभी बंद हुआ इंजन
जानकारी के मुताबिक, गौरीघाट पर होमगार्ड की मोटर बोट नर्मदा नदी में पेट्रोलिंग कर रही थी। उस समय बोट में होमगार्ड के प्रशिक्षु और आपदा प्रबंधन टीम के सदस्य समेत करीब 15 लोग सवार थे। बताया गया कि बरगी डैम के 13 गेट खुले होने के कारण नर्मदा का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान मोटर बोट का इंजन अचानक बंद हो गया। इंजन बंद होते ही बोट तेज धार के साथ बहने लगी और स्थिति कुछ ही देर में बेहद खतरनाक हो गई।
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मदद की पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय नाविक
बोट पर सवार लोगों ने खतरा बढ़ता देख मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी पुकार सुनकर आसपास मौजूद 3 से 4 स्थानीय नाविक अपनी नाव लेकर तेज बहाव के बीच पहुंचे। नाविकों ने राहत और बचाव में मदद की और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान सभी सवारों का लाइफ जैकेट पहनना सबसे बड़ी राहत साबित हुआ। यही वजह रही कि बोट डूबने के बावजूद किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
चालक के नशे में होने के आरोप ने बढ़ाए सवाल
हादसे के बाद मोटर बोट चालक को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि घटना के समय चालक शराब के नशे में था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सच्चाई जानने के लिए चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि हादसे के वक्त वह नशे की हालत में था या नहीं।
अब जांच में क्या सामने आएगा?
गौरीघाट जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा के लिए तैनात पेट्रोलिंग बोट का खुद तेज बहाव में फंसकर डूब जाना कई सवाल खड़े करता है। जांच में इंजन खराबी, बोट की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इस घटना में सबसे बड़ी बात यह रही कि नर्मदा की तेज धार में फंसे करीब 15 लोगों को स्थानीय नाविकों ने समय रहते बचा लिया। अगर मदद कुछ मिनट देर से पहुंचती, तो यह हादसा कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था।
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