जंतर-मंतर पर निशु आज़ाद के पिता से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। CJP और राहुल गांधी ने कार्रवाई की मांग की थी।

Swatantra Bhardwaj Detained: कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट के आरोप में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार 4 सितंबर को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र को यूपी के बुलंदशहर से पकड़ा। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब CJP के प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

CJP नेताओं और सांसदों ने थाने पहुंचकर की कार्रवाई की मांग

CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रंका कई समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके साथ सांसद चंद्रशेखर आज़ाद (ASP) और पप्पू यादव भी मौजूद थे। सभी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थाने के बाहर मौजूद रहे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से निशु आज़ाद के समर्थन में 'X' पर पोस्ट किए जाने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि निशु और उनके परिवार को दलित होने की वजह से भी निशाना बनाया गया।

वायरल इंटरव्यू में स्वतंत्र ने हमले का किया दावा

मामला उस समय और बढ़ गया, जब एक इंटरव्यू का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें खुद को "कट्टर हिंदू" बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने निशु के पिता संजय कुमार का "सिर फोड़ दिया" था। उन्होंने कथित अपराध की गंभीरता के बावजूद जेल से बच निकलने की बात भी कही और इसे लेकर डींगें मारते नजर आए।

पॉडकास्ट में 307 और 60 टांकों का किया जिक्र

एक पॉडकास्ट के वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 लग सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय कुमार को 60 टांके लगे थे और उन्हें गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया था। वीडियो में भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि संजय की बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी होकर अपने पिता को न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्हें जेल नहीं हुई और वह पूरी रात बाहर घूमते रहे।

CJP ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप

हमले के बाद से CJP लगातार आरोप लगा रही थी कि दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में नाकाम रही। CJP का कहना था कि जब भारद्वाज के वीडियो सामने आ चुके हैं, तो पुलिस को मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसी मांग को लेकर संगठन के नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया।

पुलिस ने खोपड़ी टूटने के दावे को खारिज किया

गुरुवार को विवाद उस समय और बढ़ गया, जब दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय कुमार को हाथापाई के दौरान सिर में चोट लगी थी। हालांकि, पुलिस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि संजय कुमार की खोपड़ी टूट गई थी। पुलिस ने उनकी चोट को लेकर अलग जानकारी दी और मामले की जांच जारी रहने की बात कही।

राहुल गांधी ने निशु आज़ाद को दिया समर्थन

  • देर रात राहुल गांधी ने निशु आज़ाद का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और उन्हें मदद का भरोसा दिया। उन्होंने लिखा, “निशु, घबराओ मत। मैं तुम्हारे साथ हूं। यह साफ है कि तुम्हें निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते हो।”
  • राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। वह 20 जुलाई को हुए CJP मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर जवाबदेही की मांग करते रहे हैं।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ अमित शाह की दिल्ली पुलिस छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है, जबकि दूसरी तरफ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने का आरोपी खुलेआम घूम रहा था।
  • राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को टैग करते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज को उनका "संरक्षण" हासिल है।