NHAI Toilet Reward Scheme: NHAI ने क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज को 30 जून, 2027 तक बढ़ाया। Rajmargyatra ऐप पर जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प के साथ गंदे टॉयलेट की फोटो अपलोड करें; वेरिफाइड और योग्य VRN को ₹1000 का FASTag रिचार्ज मिलेगा। 2026 में अब तक 429 कम्यूटर्स रिवॉर्ड पा चुके हैं।

NHAI Clean Toilet Picture Challenge: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए काम की खबर है। अगर आपको रास्ते में कोई सार्वजनिक टॉयलेट गंदा या खराब हालत में मिलता है, तो उसकी शिकायत करने पर ₹1000 का FASTag रिचार्ज मिल सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यात्रियों को हाईवे सुविधाओं की निगरानी में शामिल करने के लिए Clean Toilet Picture Challenge शुरू किया है।

इस पहल के तहत कम्यूटर्स हाईवे पर मौजूद गंदे टॉयलेट की तस्वीर लेकर उसकी शिकायत कर सकते हैं। रिपोर्ट सही पाए जाने और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर संबंधित वाहन के FASTag में ₹1000 का रिचार्ज किया जाता है।

क्या है Clean Toilet Picture Challenge?

इस चैलेंज का उद्देश्य नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सार्वजनिक टॉयलेट की साफ-सफाई और रखरखाव में कमियों की पहचान करना है। NHAI यात्रियों से ऐसी सुविधाओं की तस्वीरें साझा करने के लिए कहता है, जहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।

योजना को सितंबर 2025 में शुरू किया गया था और अब इसे 30 जून 2027 तक बढ़ाया गया है। NHAI के अनुसार, 2026 में अब तक 429 कम्यूटर्स इस पहल के तहत गंदे टॉयलेट की रिपोर्ट करके ₹1000 का FASTag रिचार्ज हासिल कर चुके हैं।

कैसे मिलेगा ₹1000 का FASTag रिचार्ज?

इसके लिए यात्रियों को Rajmargyatra मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करनी होगी। रिपोर्ट के साथ टॉयलेट की ऐसी साफ और पहचान योग्य तस्वीर अपलोड करनी होगी, जिसमें जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्प उपलब्ध हो।

फोटो जमा करते समय कुछ बेसिक जानकारियां भी देनी होंगी। इनमें नाम, टॉयलेट की लोकेशन, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर यानी VRN और मोबाइल नंबर शामिल हैं।

इसके बाद NHAI की ओर से फोटो और उपलब्ध जानकारी का सत्यापन किया जाता है। अगर शिकायत निर्धारित मानकों के मुताबिक सही पाई जाती है, तो योग्य वाहन नंबर यानी VRN से जुड़े FASTag में ₹1000 का रिचार्ज किया जाता है।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

इस स्कीम का लाभ लेने से पहले इसकी शर्तों को समझना जरूरी है। रिवॉर्ड कैश के रूप में नहीं दिया जाता, बल्कि FASTag रिचार्ज के तौर पर मिलता है। यह रिवॉर्ड नॉन-ट्रांसफरेबल भी है। इसके अलावा पूरे स्कीम पीरियड के दौरान एक वाहन यानी एक VRN को सिर्फ एक बार रिवॉर्ड दिया जाएगा।

रिपोर्ट तभी मान्य मानी जाएगी जब शिकायत नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर मौजूद सार्वजनिक टॉयलेट से संबंधित हो और तस्वीर में संबंधित स्थान की पहचान स्पष्ट हो। जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प भी सही होना जरूरी है।

हाईवे यात्रियों को क्यों मिल रहा यह मौका?

लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सार्वजनिक टॉयलेट यात्रियों के लिए बेहद जरूरी सुविधा है। हालांकि, हाईवे पर उपलब्ध इन सुविधाओं को लेकर अक्सर साफ-सफाई और रखरखाव की शिकायतें सामने आती रही हैं।

गंदे टॉयलेट की वजह से यात्रियों को असुविधा होती है और कई बार लोग इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने से भी बचते हैं। NHAI की इस पहल का मकसद यात्रियों को सिर्फ शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि हाईवे सुविधाओं की निगरानी में भागीदार बनाना है।

शिकायत के जरिए व्यवस्था में सुधार की कोशिश

Clean Toilet Picture Challenge के जरिए NHAI को हाईवे पर मौजूद सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी यात्रियों से सीधे मिल सकती है। इससे रखरखाव से जुड़ी कमियों की पहचान और संबंधित एजेंसियों तक शिकायत पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

यात्रियों के लिए भी यह पहल दोहरा फायदा देती है- एक तरफ खराब सुविधा की जानकारी संबंधित सिस्टम तक पहुंचती है और दूसरी तरफ वैध रिपोर्ट पर ₹1000 का FASTag रिचार्ज मिलने का मौका मिलता है।

हालांकि, रिवॉर्ड पाने के लिए फोटो, लोकेशन, टाइम-स्टैम्प और अन्य निर्धारित शर्तों का सही तरीके से पालन करना जरूरी है।