Central Government Employees: 8th Pay Commission पर कर्मचारी संगठनों ने HRA बढ़ाने की मांग रखी है। यदि 2.1 फिटमेंट फैक्टर और X शहरों में 40% HRA माना जाए, तो लेवल-5 को ₹15,768 महीना (करीब ₹1.89 लाख सालाना) अतिरिक्त मिल सकता है। जानें लेवल-1 से लेवल-5 तक अनुमानित HRA बढ़ोतरी और मौजूदा दरें।
HRA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8th Pay Commission को लेकर चर्चाओं के बीच मकान किराया भत्ता यानी HRA (House Rent Allowance) भी अहम मुद्दा बना हुआ है। मौजूदा 7th Pay Commission के तहत महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंचने के बाद जनवरी 2024 में HRA की दरों में संशोधन किया गया था। X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए HRA क्रमशः 30%, 20% और 10% कर दिया गया था।
हालांकि, बड़े शहरों और टियर-2 शहरों में बढ़ते किराये को देखते हुए कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि मौजूदा HRA पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से 8th Pay Commission के सामने HRA की दरों में और बढ़ोतरी की मांग रखे जाने की चर्चा है।
8th Pay Commission में HRA को लेकर क्या मांग?
कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापनों में HRA की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग की गई है। कुछ संगठनों ने तीन-स्तरीय व्यवस्था यानी X, Y और Z शहरों में मौजूदा ढांचे को बरकरार रखते हुए दरें बढ़ाने का सुझाव दिया है।
वहीं, कुछ समूह HRA के लिए दो-स्तरीय या चार-स्तरीय स्लैब की व्यवस्था का सुझाव दे रहे हैं, ताकि अलग-अलग शहरों में वास्तविक किराये के अंतर को बेहतर तरीके से ध्यान में रखा जा सके।
X शहरों में 40% HRA हुआ तो कितना फायदा?
अगर उदाहरण के तौर पर 8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर और X श्रेणी के शहरों में HRA को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 40% कर दिया जाए, तो कर्मचारियों के HRA में काफी बड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि 2.1 फिटमेंट फैक्टर और 40% HRA सिर्फ अनुमानित परिदृश्य है। यह कोई स्वीकृत या आधिकारिक दर नहीं है।
Level-1
- Level-1 का मौजूदा बेसिक पे ₹18,000 है और 30% HRA के हिसाब से मौजूदा HRA ₹5,400 बनता है।
- अगर 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो अनुमानित बेसिक पे ₹37,800 होगा। इस पर 40% HRA ₹15,120 बैठेगा।
- यानी मौजूदा HRA की तुलना में करीब ₹9,720 प्रति माह का अंतर हो सकता है।
Level-2
- Level-2 का मौजूदा बेसिक पे ₹19,900 है। 30% HRA के हिसाब से यह ₹5,970 होता है।
- 2.1 फिटमेंट फैक्टर के अनुमान पर बेसिक पे ₹41,790 हो सकता है। इसका 40% HRA ₹16,716 होगा।
- इस स्थिति में मौजूदा HRA के मुकाबले करीब ₹10,746 प्रति माह अधिक मिल सकता है।
Level-3
- Level-3 में मौजूदा बेसिक पे ₹21,700 है और 30% HRA के हिसाब से HRA ₹6,510 बनता है।
- 2.1 फिटमेंट फैक्टर के अनुमान से नया बेसिक पे ₹45,570 होगा। इस पर 40% HRA ₹18,228 होगा।
- यानी संभावित अंतर करीब ₹11,718 प्रति माह हो सकता है।
Level-4
- Level-4 का मौजूदा बेसिक पे ₹25,500 है। 30% HRA के हिसाब से मौजूदा HRA ₹7,650 है।
- 2.1 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमानित बेसिक पे ₹53,550 होगा। इसका 40% HRA करीब ₹21,420 बैठेगा।
- इस तरह मौजूदा HRA की तुलना में करीब ₹13,770 प्रति माह का अंतर बन सकता है।
Level-5
- Level-5 में मौजूदा बेसिक पे ₹29,200 है और 30% HRA के हिसाब से कर्मचारी को ₹8,760 मिलता है।
- 2.1 फिटमेंट फैक्टर के अनुमान पर बेसिक पे ₹61,320 हो सकता है। इसका 40% HRA ₹24,528 होगा।
- इस हिसाब से मौजूदा HRA के मुकाबले करीब ₹15,768 प्रति माह, यानी लगभग ₹1.89 लाख सालाना का अंतर हो सकता है।
Level बढ़ने के साथ बढ़ेगा HRA का फायदा
इस अनुमान से साफ है कि अगर 2.1 फिटमेंट फैक्टर और X शहरों के लिए 40% HRA दोनों लागू होते हैं, तो अधिक पे लेवल वाले कर्मचारियों को HRA के रूप में ज्यादा रकम का लाभ मिलेगा।
Pay Level मौजूदा Basic अनुमानित Basic (2.1) मौजूदा HRA (30%) अनुमानित HRA (40%) अंतर
Level-1 ₹18,000 ₹37,800 ₹5,400 ₹15,120 ₹9,720
Level-2 ₹19,900 ₹41,790 ₹5,970 ₹16,716 ₹10,746
Level-3 ₹21,700 ₹45,570 ₹6,510 ₹18,228 ₹11,718
Level-4 ₹25,500 ₹53,550 ₹7,650 ₹21,420 ₹13,770
Level-5 ₹29,200 ₹61,320 ₹8,760 ₹24,528 ₹15,768
अभी तय नहीं है HRA की नई दर
यह समझना जरूरी है कि ऊपर की गणना संभावित परिदृश्य पर आधारित है। 8th Pay Commission में 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होगा या नहीं और X शहरों में HRA की दर 40% होगी या नहीं, इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इसी तरह HRA के लिए तीन-स्तरीय, दो-स्तरीय या चार-स्तरीय व्यवस्था में से कौन-सा मॉडल अपनाया जाएगा, यह भी भविष्य की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों को किस फैसले का इंतजार?
केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब 8th Pay Commission की सिफारिशों पर है। फिटमेंट फैक्टर के साथ HRA, DA और अन्य भत्तों में बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की कुल सैलरी पर पड़ सकता है।
फिलहाल 40% HRA और 2.1 फिटमेंट फैक्टर को लेकर किए जा रहे कैलकुलेशन को अनुमान के तौर पर देखना चाहिए। वास्तविक वेतन और HRA में कितना बदलाव होगा, यह 8th Pay Commission की अंतिम सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
