अनअकैडमी (Unacademy) को उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी अपग्रैड (upGrad) ने $200 मिलियन से अधिक की 100% शेयर-स्वैप डील में खरीद लिया है। जानिए गौरव मुंजाल और रोमन सैनी की इस कंपनी के 3.44 अरब डॉलर के पीक वैल्यूएशन से 94% तक गिरने की पूरी कहानी।
नई दिल्ली: एक समय था जब दिल्ली के मुखर्जी नगर और ओल्ड राजेंद्र नगर की तंग गलियों में महंगे कोचिंग सेंटरों के चक्कर काटने वाले UPSC एस्पिरेंट्स के लिए ऑनलाइन मुफ़्त में पूरा सिलेबस मिलना किसी चमत्कार जैसा था। गौरव मुंजाल, पूर्व IAS अधिकारी रोमन सैनी और हेमेष सिंह की तिकड़ी ने Unacademy के ज़रिए भारत के कोचिंग सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया था। लेकिन एडटेक की इस चमक-धमक भरी दुनिया का एक कड़वा सच भी सामने आ गया है। कभी 3.44 बिलियन डॉलर (लगभग 28,000 करोड़ रुपये) के शिखर को छूने वाली Unacademy को अब उसकी राइवल कंपनी upGrad ने महज 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,700 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है। यानी कंपनी की वैल्यूएशन में 94% की भारी गिरावट आई है।
Unacademy News: 3.4 बिलियन डॉलर से 200 मिलियन डॉलर तक कैसे पहुंची कंपनी?
Unacademy के को-फाउंडर और CEO गौरव मुंजाल ने खुद इस गिरावट को छिपाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी सबसे ऊंची वैल्यूएशन के दौर में फंड जुटाया था, लेकिन अब उसका सौदा उस रकम के एक छोटे हिस्से पर हुआ है। 2021 में Unacademy ने करीब 3.44 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 440 मिलियन डॉलर जुटाए थे। अब upGrad के साथ हुए सौदे में कंपनी की वैल्यू करीब 206 मिलियन डॉलर आंकी गई है। गणित के हिसाब से यह पीक वैल्यूएशन से लगभग 94 फीसदी की गिरावट है। हालांकि इसे महज कंपनी की नाकामी की कहानी कहना भी सही नहीं होगा। Unacademy के मुताबिक उसके फ्री एजुकेशनल वीडियो को YouTube पर 10 अरब से ज्यादा बार देखा गया और इसने देश में ऑनलाइन एजुकेटर इकोनॉमी को एक नया बाजार दिया।
Gaurav Munjal: दोस्त समय रैना ने भी किया तंज
Unacademy की वैल्यूएशन में आई भारी गिरावट सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी। कॉमेडियन समय रैना ने Instagram पर गौरव मुंजाल को लेकर मजाक किया। उन्होंने लिखा कि दोस्त ने कंपनी को सिर्फ 200 मिलियन डॉलर में बेच दिया, जबकि कभी इसे 3.4 बिलियन डॉलर में बेचने का मौका था। मुंजाल ने भी इस मजाक को हल्के अंदाज में लिया और जवाब दिया कि ऐसे दोस्तों के रहते दुश्मनों की जरूरत ही क्या है। इस छोटी-सी बातचीत ने Unacademy के सफर के दो बिल्कुल अलग दौर सामने ला दिए-एक तरफ 2021 का अरबों डॉलर वाला दौर और दूसरी तरफ आज की करीब 200 मिलियन डॉलर की डील।
Unacademy History: IAS की नौकरी छोड़कर रोमन सैनी ने शुरू की थी क्रांति
Unacademy का सफर 2010 में गौरव मुंजाल के एक सिंपल YouTube चैनल से शुरू हुआ था। 2015 में इसमें AIIMS दिल्ली से MBBS करने वाले और महज 22 साल की उम्र में IAS बनने वाले रोमन सैनी जुड़े। सैनी ने अपनी ट्रेनिंग और जबलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर का पद छोड़ दिया ताकि देश के दूर-दराज़ इलाकों के बच्चों को मुफ़्त में UPSC की कोचिंग दी जा सके। शुरुआत में सैनी, सिद्धार्थ अरोड़ा, मृणाल पटेल और प्रतीक नायक जैसे बड़े-बड़े शिक्षकों ने अनगिनत घंटों की फ्री क्लासेस यूट्यूब पर अपलोड कीं। इससे लाखों एस्पिरेंट्स का भरोसा जीता गया। बाद में हालांकि अनअकैडमी ने लाइव क्लासेस और मेंटरशिप के लिए पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू कर दिया, लेकिन मुफ़्त वीडियो का खजाना हमेशा बना रहा।
टीचर्स को बनाया 'स्टार', बॉलीवुड एक्टर्स जितने बांटे पे-पैकेज
कोविड महामारी के दौर में जब स्कूल-कॉलेज बंद थे, तब Unacademy का बिज़नेस बहुत तेज़ी से बढ़ा। कंपनी हर महीने एक लाख से ज्यादा लाइव क्लासेस चलाने लगी और उसके पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई। इसी दौर में कंपनी ने कुछ ऐसा किया जो भारतीय शिक्षा जगत में पहले कभी नहीं हुआ था-टीचर्स को देश का सबसे चर्चित ब्रांड बना दिया गया। UPSC के एजुकेटर अमित किल्होर बताते हैं कि Unacademy ने शिक्षकों का सामाजिक और आर्थिक स्तर पूरी तरह बदल दिया। टीचर्स को Grade-A बॉलीवुड स्टार्स जितना करोड़ों का पे-पैकेज देना शुरू किया गया। गौरव मुंजाल खुद मानते हैं कि Unacademy ने सेलिब्रिटी एजुकेटर्स की एक पूरी नई पीढ़ी खड़ी की और उन्हें वह सम्मान दिलाया जिसके वे हकदार थे। विराट कोहली, मैरी कॉम और शशि थरूर जैसे दिग्गजों के साथ 'Legends on Unacademy' से लेकर TVF की सुपरहिट सीरीज 'कोटा फैक्ट्री' और 'एस्पिरेंट्स' को स्पॉन्सर करने तक, Unacademy हर जगह छा गई थी।
Ronnie Screwvala: Unacademy-UpGrad विलय की कहानी पुरानी है?
upGrad के को-फाउंडर और चेयरपर्सन रॉनी स्क्रूवाला ने बताया कि Unacademy और upGrad को साथ लाने की बातचीत आज से नहीं, बल्कि कई साल पहले शुरू हुई थी। उनके मुताबिक, 2020 में मुंबई के ताज लैंड्स एंड में लंच के दौरान गौरव मुंजाल ने दोनों कंपनियों को साथ लाने का विचार सामने रखा था। हालांकि उस समय यह बातचीत किसी डील में नहीं बदल सकी। बाद में दोनों कंपनियों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई। आखिरकार 2026 में 100 फीसदी शेयर-स्वैप के जरिए अधिग्रहण पूरा हुआ। Unacademy के शेयरधारकों को कैश के बजाय upGrad के शेयर मिले।
Unacademy Acquisition: 94% गिरावट का पूरा-क्या इसे असफलता कहें?
अगस्त 2021 में Unacademy ने 3.44 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 440 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया था। अब upGrad के साथ हुई डील में इसकी वैल्यू लगभग 206 मिलियन डॉलर लगाई गई है। गणित सीधा है-3.44 अरब डॉलर के मुकाबले 206 मिलियन डॉलर यानी लगभग 94% की सीधी कटौती। हालांकि गौरव मुंजाल इस आंकड़े से भागते नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा, "हमने पीक पर फंड जुटाया था और अब कम कीमत पर अपनी डील पूरी की है। मैं इन तथ्यों को छिपाऊंगा नहीं, लेकिन मुझे अपनी टीम पर गर्व है।"
EdTech Deal: Unacademy के पास पैसा था, फिर भी क्यों हुई डील?
मुंजाल के मुताबिक, बिकने के वक्त भी Unacademy का सालाना रेवेन्यू करीब 400 करोड़ रुपये था और बैंक में 900 करोड़ रुपये का कैश पड़ा हुआ था। कई बिज़नेस मुनाफे में भी थे। इसलिए यह कोई मजबूरी में हुई बिक्री नहीं बल्कि एक रणनीतिक मर्जर (विलय) है। upGrad के को-फाउंडर रॉनी स्क्रूवाला ने भी माना कि इस मर्जर की बात 2020 में मुंबई के ताज होटल में एक लंच के दौरान शुरू हुई थी। कुल मिलाकर, भले ही कागज़ों पर अनअकैडमी की वैल्यूएशन 94% गिर गई हो, लेकिन एडटेक इंडस्ट्री का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, Unacademy उसका पहला पन्ना रहेगी। उसने न केवल पढ़ाई के तरीके को बदला, बल्कि भारत में ऑनलाइन एजुकेशन का एक नया दौर शुरू किया।


