स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो और कपिल मिश्रा के कथित फोन कॉल के दावे पर विवाद बढ़ा। राहुल गांधी समेत विपक्ष ने BJP और पुलिस पर सवाल उठाए। जानिए कौन है स्वतंत्र भारद्वाज और क्या है पूरा मामला?
Who is Swatantra Bhardwaj: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट का मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया है कि पिछले दिनों जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान उसी ने संजय कुमार के सिर पर वार किया था। इतना ही नहीं, स्वतंत्र भारद्वाज ने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही। इसके बाद से ही विपक्ष लगातार BJP को आड़े हाथ ले रहा है।
कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?
स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर एक्टिव है और खुद को इन्फ्लुएंसर बताता है। उसके इंस्टाग्राम पर करीब 1.84 लाख फॉलोअर्स हैं। अपनी प्रोफाइल में उसने खुद को “स्वतंत्र सनातनी योद्धा” बताया है। स्वतंत्र ने CJP आंदोलन में शामिल लोगों को निशाना बनाते हुए कई वीडियो पोस्ट किए हैं। 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी और कॉकरोच कहा था। उन्होंने यह भी मांग की थी कि उनके जैसे कट्टर सनातनियों को एक दिन के लिए दिल्ली पुलिस के जवान के तौर पर काम करने की अनुमति दी जाए।
राजनीतिक संपर्कों के दावों से बढ़ा विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज का वायरल वीडियो अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ विपक्षी दल उसके राजनीतिक संरक्षण के दावों को लेकर BJP पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह के राजनीतिक प्रभाव या हस्तक्षेप से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि संजय कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, आरोपियों से पूछताछ की गई और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।
क्या है पूरा मामला?
- पूरा विवाद उस समय बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया।
- इसमें खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर यह दावा करते नजर आए कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के एक फोन कॉल की वजह से वह जेल जाने से बच गए।
- भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी।
- इस मामले को लेकर अब विपक्षी दलों ने BJP और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में क्या दावा किया?
- वायरल वीडियो में भारद्वाज कथित हमले के बारे में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई राजनीतिक नेताओं का समर्थन हासिल है।
- इनमें दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम शामिल हैं।
- भारद्वाज ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय कुमार को 60 टांके लगे और उन्हें गंभीर हालत में एंबुलेंस से ले जाया गया।
- वीडियो में भारद्वाज ने कहा कि उन्हें इस मामले में जेल नहीं भेजा गया और वह पूरी रात बाहर घूमते रहे।
- उन्होंने इसका श्रेय राजनीतिक संपर्कों के साथ-साथ हनुमान जी के आशीर्वाद को दिया।
कपिल मिश्रा के फोन ने बचा लिया
स्वतंत्र भारद्वाज ने कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि कहा जा रहा है कि मिश्रा के फोन करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके अलावा उन्होंने चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना समर्थन देने वाला बताया। हालांकि, समाचार एजेंसी PTI ने प्रतिक्रिया के लिए कपिल मिश्रा और चिराग पासवान से संपर्क किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
BJP के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष
स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसे बीजेपी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इस बयान के बाद तमाम विपक्षी नेताओं ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने निशु आजाद और उनके पिता का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर भारद्वाज पर गंभीर आरोप हैं तो उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण हासिल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए पूछा कि ऐसे व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण क्यों मिला हुआ है और क्या इस मामले में कार्रवाई होगी।
केजरीवाल-महुआ मोइत्रा ने भी BJP पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी स्वतंत्र भारद्वाज का वायरल वीडियो शेयर किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने इसलिए अपनी जान दी थी कि भविष्य में देश का प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को संरक्षण देगा। उन्होंने लोगों से वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि इसे देखकर किसी का भी खून खौल उठेगा। TMC की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए। मोइत्रा ने पूछा कि क्या अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी नहीं रहना चाहिए और क्या इस मामले की जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए।


