मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों के नए पदाधिकारियों को सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के मंत्र दिए। उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, वित्तीय अनुशासन, संवेदनशील प्रशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया।
भोपाल। मध्यप्रदेश में 18 मई का दिन शासन और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नव नियुक्त पदाधिकारियों को जिम्मेदारियों के साथ कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “अनेकता में एकता” भारत और मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सरकार योग्यता का सम्मान करती है और इसी आधार पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति और प्रशासन का अंतिम उद्देश्य केवल जनकल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal और अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित भी मौजूद रहे।
MP Government Officers Responsibility: पद नहीं, जनता की सेवा का अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह नियुक्तियां केवल प्रशासनिक पद नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की सेवा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे पूरी निष्ठा, प्रशासनिक दक्षता और सेवा भावना के साथ अपने दायित्व निभाएं।
उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी सरकार का अहम हिस्सा हैं और उनके कार्यों से ही सरकार की छवि समाज में बनती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे पहले अपने विभाग की नीतियों, नियमों और कार्यप्रणाली को अच्छे से समझें और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करें।
विभागीय समन्वय और टीम वर्क पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता बेहतर तालमेल और टीम भावना से ही संभव होती है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें और मितव्ययिता के साथ अपनी अलग पहचान स्थापित करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सौंपे गए हर दायित्व को परिवार भावना और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाना चाहिए।
Financial Discipline in MP Government: आत्मानुशासन और वित्तीय अनुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि आत्मानुशासन के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। इसके लिए फिजूलखर्ची पर नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और आय के नए स्रोत विकसित करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी अपने संस्थानों में नवाचार को बढ़ावा दें और संसाधनों के सही उपयोग से कार्य संस्कृति को मजबूत बनाएं।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को विकसित और देश का अग्रणी राज्य बनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, दृढ़ता और कार्यकुशलता के साथ काम करना ही सरकार की प्राथमिकता है।
Digital Governance MP: डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित प्रशासन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक सुशासन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस, डाटा आधारित निर्णय प्रणाली और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों में डिजिटल सिस्टम का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और सोशल मीडिया के जरिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाए।
गरीब और जरूरतमंद तक पहुंचे सरकारी सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करें।
Zero Tolerance Policy MP: कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की कदाचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गलत गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे सोच-समझकर अपने सहयोगियों का चयन करें और ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें, जिनसे उनकी गरिमा प्रभावित हो सकती है।
भाषा में सौम्यता, निर्णय में दृढ़ता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पदाधिकारियों का व्यवहार संवेदनशील और जनता के प्रति सहज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब या पीड़ित व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि उसकी समस्या सुनने वाला कोई अपना मौजूद है। उन्होंने कहा कि भाषा में विनम्रता और निर्णयों में दृढ़ता प्रशासनिक कार्यशैली का मूल आधार होना चाहिए।
Social Awareness Campaign MP: नशामुक्ति, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण पर काम करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि निगम, मंडल और बोर्ड की कार्यप्रणाली का गहराई से अध्ययन करने से नीतियों और योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार आधारित योजनाओं के जरिए मध्यप्रदेश को देश का सबसे विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाया जा सकता है।


