मध्यप्रदेश में 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के PPA पर हस्ताक्षर हुए। सीएम मोहन यादव ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी की बड़ी उपलब्धि बताया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 जून को भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित 440 मेगावॉट क्षमता वाली मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने प्रदेश में तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं को ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

MP Green Energy Project: नवीकरणीय ऊर्जा में नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि विशेष रूप से चंबल क्षेत्र के लोगों के लिए भी गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ऊर्जा उत्पादन के आधुनिक और टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।
Morena Solar Project: देश में सबसे कम 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर पर हुआ समझौता
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए मात्र 2.70 रुपये प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर तय हुई है। यह दर इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए देश में अब तक की सबसे कम दर मानी जा रही है और पहले के राष्ट्रीय मानकों से भी कम है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक बैटरी स्टोरेज मॉडल है, जिसमें एक ही बैटरी का प्रतिदिन दो बार उपयोग किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा भंडारण और आपूर्ति दोनों अधिक प्रभावी बनेंगे।
Neemuch Solar Park: नीमच और शाजापुर की सौर परियोजनाओं का लोकार्पण भी बना ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना परियोजना के साथ-साथ नीमच और शाजापुर की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण भी प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बिजली हर क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है और आधुनिक विज्ञान की नई तकनीकों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
Parvati-Kalisindh-Chambal Project: नदी जोड़ो परियोजना से 13 जिलों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच करीब 20 से 25 वर्षों से लंबित जल विवाद का समाधान संभव हुआ। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी मिली, जिससे राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र सहित 13 जिलों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, कोयला, जलविद्युत और सौर ऊर्जा जैसे कई विकल्प मिलकर ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा दे रहे हैं। मुरैना की यह परियोजना भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का मजबूत उदाहरण बनेगी।
Prahlad Joshi: मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में किया उल्लेखनीय कार्य
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में शानदार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और समर्थन से प्रदेश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश की प्रगति सबसे तेज और अलग दिखाई देती है। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार, आधारभूत ढांचे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
Solar Energy in MP: सभी सरकारी भवनों को सोलराइज करने की तैयारी
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सूर्य हमेशा से मौजूद था, लेकिन उसकी क्षमता का बड़े स्तर पर उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाए जाएं और अगले एक वर्ष के भीतर सरकारी इमारतों को पूरी तरह सोलराइज करने का लक्ष्य रखा जाए।
Employment in Neemuch: निर्माण कार्य से रोजाना तीन हजार से अधिक लोगों को मिल रहा रोजगार
नीमच जिले के ग्राम खिमला में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में वर्तमान समय में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मध्यप्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
MP Energy Self Reliance: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़े निवेश कर रही है। गांधीसागर पंप स्टोरेज परियोजना, नीमच सोलर पार्क और मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को नई गति मिलेगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी व्यापक लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।


