MP Monsoon Red Alert: लगातार मूसलाधार बारिश ने मध्य प्रदेश के 11 जिलों में रेड अलर्ट की स्थिति बना दी है। रीवा‑सतना समेत चार जिलों में आज (18 जुलाई) स्कूल‑कॉलेज बंद हैं, परीक्षाएँ टलीं, और 54 बड़े बांध तेजी से भर रहे हैं। अगले 48 घंटे और सतर्क रहें।

MP Monsoon Max Alert: बादलों ने मध्य प्रदेश के विंध्य और ग्वालियर‑चंबल अंचल में ऐसा घेरा डाला कि मौसम विभाग को ‘एक्शन मोड’ पर जाना पड़ा। अलगे 48 घंटों में अनुमानित 200 मिमी तक पानी गिर सकता है, और यही वजह है कि राज्य के 11 जिलों को रेड वार्निंग श्रेणी में रखा गया है।

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किन‑किन जिलों में रेड अलर्ट?

पिछले 24 घंटों से लगातार बरसात ने रीवा, सतना, पन्ना, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, ग्वालियर और मऊगंज समेत 11 जिलों को रेड अलर्ट की कतार में खड़ा कर दिया है। विंध्य‑पठार से गुजरती मानसूनी ट्रफ और नमी बढ़ाने वाले पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर आसमान को मानो खुला नल बना दिया हो। कई कस्बों में 150 मिमी से ज़्यादा वर्षा रिकॉर्ड हुई, जिससे नदी‑नालों का स्वभाव अचानक उग्र हो गया।

एमपी के इन जिलों में “नो‑क्लास फ्राइडे”: स्कूल‑कॉलेज बंद स्कूल 

  • रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में 18 जुलाई को सभी शासकीय‑अशासकीय विद्यालय बंद रहेंगे।
  • परीक्षाएं: सतना के स्वशासी महाविद्यालयों की 18‑19 जुलाई की परीक्षाएँ स्थगित, नई तारीख जल्द घोषित होगी।
  • विशेष चेतावनी: कलेक्टर कार्यालयों ने सुबह‑शाम दो बार स्थिति मूल्यांकन का आदेश दिया है ताकि छुट्टियाँ आगे भी बढ़ानी हों तो समय रहते सूचना जारी की जा सके।

जब-जब नदी‑नाले उफान पर तब-तब बढ़ता बांध संकट

बाणसागर, बरगी, गांधीसागर, तवा से लेकर मोहनपुरा तक—तेज़ी से भर रहे हैं। बड़ा तालाब (भोपाल) में जलस्तर सिर्फ साढ़े 6 फीट दूर है ओवरफ्लो बिंदु से; भदभदा के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। निचले इलाकों के रहवासियों को सामान ऊँचे स्थान पर शिफ्ट करने की सलाह दी गई है।

अगले 48 घंटे का मौसम मैप

  • अचानक बाढ़ जोखिम: छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़
  • तेज़ हवा + पेड़ गिरने का खतरा: अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर
  • भूस्खलन संभव: ग्वालियर‑चंबल अंचल के पहाड़ी गाँव

प्रशासन की तैयारी और नागरिकों के लिए एडवाइज़री 

  1. जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड व SDRF को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा गया है।
  2. अनावश्यक यात्रा टालें; नदी‑नालों से दूर रहें।
  3. बिजली लाइन या जलभराव वाली सड़कों के निकट वाहन न रोकें; इमरजेंसी में डायल 100 से संपर्क करें।
  4. स्कूल‑कॉलेज प्रबंधन हर 12 घंटे में विद्यार्थियों को SMS‑अलर्ट भेजेंगे।