एमएसएमई सम्मेलन 2025 में सीएम मोहन यादव ने 48 जिलों की 700 इकाइयों को ₹200 करोड़ की अनुदान राशि अंतरित की। 80 स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ की सहायता, औद्योगिक भूखंड आवंटन, नई परियोजनाओं का शुभारंभ और स्वदेशी-स्वावलंबन पर परिचर्चा हुई।

मध्य प्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई उड़ान देने के लिए आज राजधानी भोपाल के होटल ताज फ्रंट में एमएसएमई सम्मेलन 2025 आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में शामिल होकर प्रदेश के विभिन्न उद्योगों और स्टार्टअप्स को करोड़ों की आर्थिक सहायता और भूमि आवंटन का लाभ देंगे।

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700 से अधिक इकाइयों को ₹200 करोड़ की अनुदान राशि

एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री यादव स्टार्टअप नीति 2025 के तहत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान करेंगे। इस अवसर पर स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विषयगत सत्र होंगे, जिनमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों से वर्चुअल जुड़कर संवाद भी करेंगे।

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औद्योगिक भूखंड आबंटन और ऋण वितरण

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न उद्यमों को 200 से अधिक भूखण्डों के आवंटन पत्र वितरित करेंगे। साथ ही ₹113.78 करोड़ की लागत वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास भी करेंगे। उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं और हितग्राहियों को ऋण वितरण होगा और 100 से अधिक लाभार्थियों को हितलाभ प्रदान किए जाएंगे।

एमओयू और नई परियोजनाओं का शुभारंभ

सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और ओएनडीसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। साथ ही ₹7.57 करोड़ कीमत वाली तीन नई कार्यालय भवन परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उद्यमी और स्टार्टअप अपने कार्य और सफलता के अनुभव साझा करेंगे।

स्वदेशी और स्वावलंबन पर विशेष परिचर्चा

शाम को विशेष सत्र में स्वदेशी एवं स्वावलंबन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस परिचर्चा में उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर और नीति निर्माताओं के साथ-साथ युवाओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों के संवर्धन पर ठोस सुझाव सामने आ सकें।

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