अफगान विदेश मंत्री आमिर मुत्तकी का रविवार को आगरा और ताजमहल का दौरा अचानक रद्द हो गया। छह दिन के दौरे पर भारत आए मुत्तकी की इस यात्रा के रद्द होने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। आगरा प्रशासन ने भी इसे पुष्टि की है।

आगरा के आसमान में रविवार को विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर तैयारियां जोरों पर थीं। सुरक्षा कर्मी तैनात थे, शहर प्रशासन सतर्क था, और ताजमहल परिसर में व्यवस्था चाक-चौबंद थी। लेकिन जैसे ही घड़ी ने 11 बजाए, एक अप्रत्याशित खबर आई, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर मुत्तकी का आगरा दौरा अचानक रद्द हो गया। सूत्रों के अनुसार, मुत्तकी रविवार को ताजमहल का दीदार करने वाले थे, लेकिन अज्ञात कारणों से उनकी यह यात्रा रद्द कर दी गई है।

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तय कार्यक्रम के अनुसार होना था ताजमहल भ्रमण

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मुत्तकी को रविवार को अपराह्न 11 बजे ताजमहल पहुंचना था। तय कार्यक्रम के अनुसार, वे लगभग एक घंटे तक इस विश्व धरोहर का दीदार करने के बाद आगरा में ही दोपहर का भोजन करते और फिर दिल्ली लौटते। जिला प्रशासन ने उनके आगरा कार्यक्रम के रद्द होने की औपचारिक पुष्टि कर दी है। हालांकि, यात्रा रद्द होने के पीछे का कारण अब तक साफ नहीं हो सका है। प्रोटोकॉल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ यह सूचना दी गई कि अफगान विदेश मंत्री का दौरा अब नहीं होगा।

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छह दिन के भारत दौरे पर हैं मुत्तकी

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर मुत्तकी इन दिनों भारत के छह दिन के दौरे पर हैं। वे गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने सहारनपुर के देवबंद स्थित मशहूर इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम का दौरा किया, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। गौरतलब है कि तालिबान के अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के चार साल बाद यह भारत में तालिबान सरकार के किसी वरिष्ठ नेता की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है। भारत ने अभी तक तालिबान शासन को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, इसलिए मुत्तकी का यह दौरा विशेष रूप से चर्चाओं में है।

सड़क मार्ग से देवबंद पहुंचे थे मुत्तकी

दिल्ली से देवबंद तक मुत्तकी का सफर सड़क मार्ग से हुआ। इस दौरान उनके साथ अफगान प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम अबुल कासिम नोमानी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उनकी यात्रा से पहले खुफिया एजेंसियों और पुलिस द्वारा देवबंद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस यात्रा को भारत-अफगान संबंधों में संभावित नई शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा था।

पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच अहम यात्रा

मुत्तकी की भारत यात्रा उस वक्त हो रही है जब भारत और अफगानिस्तान दोनों ही पाकिस्तान के साथ सीमा पार आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर तनावपूर्ण संबंधों से गुजर रहे हैं। ऐसे में मुत्तकी का दौरा और उसका अचानक रद्द होना कई कूटनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है।

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