मऊगंज में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान सीएम मोहन यादव ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात कही। 1.20 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा भी बढ़ेगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 22 सितंबर को मंत्रालय से मऊगंज में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद किसानों और आम लोगों को डोल ग्यारस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने देवतालाब में विराजे भगवान भोलेनाथ और अष्टभुजा महारानी को भी वर्चुअल नमन किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार का संकल्प है। खेती के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन और नई तकनीक को अपनाना अब समय की जरूरत है। किसानों के नए प्रयोग और कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लगातार बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि मऊगंज भले ही नया जिला है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों की मेहनत के चलते यहां विकास की रफ्तार तेज है।
मऊगंज किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन के समय ही 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसान नीम कोटेड यूरिया, नैनो यूरिया, बेहतर गुणवत्ता वाले बीज और प्राकृतिक खेती जैसे तरीकों को अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में भी किसान लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं। स्ट्रॉबेरी, काला आलू, विशेष किस्म के तरबूज और मखाने जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं, मऊगंज के टमाटर और प्याज की स्थानीय स्तर पर खास पहचान का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
खेती के साथ पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे क्षेत्रों को भी साथ लेकर चलना जरूरी है। मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन सकती हैं।
उन्होंने किसानों से खेती के साथ दुग्ध उत्पादन को भी प्राथमिकता देने की अपील की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर सांची ब्रांड को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस पहल से जुड़कर दूध उत्पादन बढ़ाने और अपनी आय में इजाफा करने का आह्वान किया।
सीतापुर-हनुमना सिंचाई योजना से 1.20 लाख हेक्टेयर भूमि को फायदा
मऊगंज में सिंचाई सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना पूरी होने के बाद करीब 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मऊगंज जिले में गौरमा, नैना और गाड़ा तीन बड़े बांध हैं। इसके अलावा नई गढ़ी सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जिले में खेती मजबूत हो, किसान समृद्ध हों, कृषि आधारित उद्योग स्थापित हों और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े।
उन्नत किसानों से मुख्यमंत्री ने वर्चुअली किया संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के उन्नत किसानों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों से खेती में किए जा रहे प्रयोगों और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जसमन पटेल, तुलसीराम पांडे, अनीता मिश्रा और उमाशंकर त्रिपाठी से वर्चुअली बातचीत की। किसानों ने कृषि क्षेत्र में किए जा रहे अपने नवाचारों और अन्य अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के ऐसे प्रयोग न सिर्फ उनकी आय बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि दूसरे किसानों को भी नई तकनीक और नई फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।


