MP Tendu Patta Bonus 2026: CM मोहन यादव ने मंडला में 9 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 36.17 करोड़ का बोनस दिया। प्रदेश के 21 लाख से ज्यादा संग्राहकों को 139 करोड़ से अधिक बोनस मिलेगा।
मध्य प्रदेश के मंडला में जंगल से जुड़ी आजीविका और जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े ऐलान किए। तेंदूपत्ता संग्राहकों के मेहनत के हक से लेकर शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे तक सरकार ने कई योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
9 लाख संग्राहकों को 36.17 करोड़ का बोनस
मंडला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36.17 करोड़ रुपये अंतरित किए। सरकार के मुताबिक, प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को करीब 139 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: पति का था अवैध संबंध! पत्नी ने शक में पूछे सवाल, फिर... दिल्ली मर्डर की खौफनाक कहानी!
वन समितियों को भी मिला काष्ठ लाभांश
मंडला की जंगल सुरक्षा में सहयोग करने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26.56 करोड़ रुपये की काष्ठ लाभांश राशि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्र से जुड़े परिवारों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाकर उनकी आय और आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है।
मंडला में 460 करोड़ के 74 विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने जिले को करीब 460 करोड़ रुपये के 74 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 263 करोड़ रुपये से अधिक के 47 कार्यों का भूमिपूजन और 197 करोड़ रुपये से अधिक के 27 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। 19 सरकारी हाईस्कूल भवन, नया एकीकृत कलेक्टर कार्यालय, नर्सिंग कॉलेज और ट्राइबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर भी इनमें शामिल हैं।
टाइगर सफारी से लघु वनोपज यूनिट तक बड़े ऐलान
मंडला में लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोलने की घोषणा की गई है। साथ ही मोहगांव और घुघरी में सरकारी कॉलेज, मंडला में टाइगर सफारी जू और पान की खेती दोबारा शुरू करने की योजना का ऐलान हुआ। दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार की भी बात कही गई है, ताकि पशुपालकों को दूध का बेहतर दाम मिल सके।
शिक्षा और जनजातीय विकास पर भी फोकस
कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और उनके नायकों के सम्मान के साथ शिक्षा और आर्थिक अवसरों का विस्तार भी जरूरी है। सरकार का दावा है कि वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर ग्रामीण और जनजातीय परिवारों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Clean-Smart के बाद अब ‘Pet Friendly’ बनेगा भोपाल, शहर में बेजुबानों के लिए होगा खास इंतजाम
