बुरहानपुर के बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई, मुआवजा, पीएम मित्र पार्क और कृषि नवाचारों पर जोर दिया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के तहत किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे बलराम कृषि महोत्सवों के जरिए किसानों को सेवाएं और सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से नई कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़कर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
कृषक कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती केवल किसानों के परिवारों का ही आधार नहीं है, बल्कि उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं के लिए रोजगार का भी प्रमुख स्रोत है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने 16 विभागों को साथ लेकर कृषक कल्याण वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत इंदौर से की गई थी, जो मां अहिल्याबाई होल्कर की कर्मभूमि रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर जिले में केले की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रभावित किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुआवजा राशि भी जारी की।
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन को निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कांवड़ यात्राएं निकलेंगी। इसे देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। प्रशासन श्रद्धालुओं के साथ खड़ा है और यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
बुरहानपुर के केला, हल्दी और कपास की देशभर में पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताप्ती नदी के आशीर्वाद से बुरहानपुर क्षेत्र उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां का केला, हल्दी और कपास प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर की सामाजिक समरसता और खेती-किसानी की संस्कृति इसे अलग पहचान देती है। यहां कृषि आधारित उद्योगों से लेकर कपड़ा, दवा, फर्नीचर और पाइप निर्माण तक अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
कपास किसानों को राहत, मंडी टैक्स किया गया आधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि कपास उत्पादकों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है। इसका लाभ प्रदेश के हजारों किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मांग को सबसे पहले बुरहानपुर के किसानों ने प्रमुखता से उठाया था। सरकार किसानों के हित से जुड़े फैसलों में हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
केला प्रसंस्करण और ई-कॉमर्स से बुरहानपुर को नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर को केले के प्रसंस्करण कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हो चुका है। अब यहां केवल केला उत्पादन ही नहीं हो रहा, बल्कि केले के रेशे से कपड़ा और सजावटी वस्तुएं भी बनाई जा रही हैं। इन उत्पादों की बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए देश और विदेश तक पहुंच रही है, जिससे बुरहानपुर को नई पहचान मिल रही है और किसानों की आय के नए स्रोत भी तैयार हो रहे हैं।
पीएम मित्र पार्क से मिलेगा बुरहानपुर के किसानों को फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के किसानों ने फसलों के विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। कपास उत्पादन से जुड़े किसान हैंडलूम और पावरलूम उद्योगों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क का लाभ बुरहानपुर के किसानों को भी मिलेगा। इससे कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर तेजी से केवल कच्चा माल उत्पादक जिले की छवि से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है।
सिंचाई परियोजनाओं पर जोर, हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सिंचित क्षेत्र में वृद्धि हुई है और सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जल प्रबंधन और सिंचाई ढांचे का विस्तार सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को भी लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर को टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है। इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश में कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों को समान रूप से मजबूत किया जा रहा है।


