मध्यप्रदेश में ‘संकल्प से समाधान अभियान’ के तहत 47.69 लाख में से 47.68 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। 99.9% सफलता दर के साथ यह अभियान सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘संकल्प से समाधान अभियान’ के माध्यम से प्रदेश में नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों का तेज, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया गया है। यह अभियान सुशासन को मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में एक अहम कदम साबित हुआ है।

अभियान के सफल संचालन के लिए ग्राम और वार्ड स्तर पर टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने घर-घर जाकर आवेदन एकत्र किए और शिविरों के माध्यम से उनका तुरंत समाधान किया। साथ ही सभी आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री और ट्रैकिंग पोर्टल के जरिए की गई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीएम हेल्पलाइन के विशेष डैशबोर्ड से लगातार निगरानी भी की गई।

47.68 लाख आवेदनों का समयबद्ध समाधान: 99.9% सफलता दर

12 जनवरी से 31 मार्च तक चले इस अभियान में कुल 47.69 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 47.68 लाख मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जो कि 99.9 प्रतिशत सफलता दर को दर्शाता है। यह आंकड़ा बताता है कि अभियान बेहद प्रभावी और परिणाम देने वाला रहा।

चार चरणों में चला अभियान: ग्राम से जिला स्तर तक समाधान

अभियान को चार चरणों में लागू किया गया ताकि हर स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।

  • प्रथम चरण (12 जनवरी-15 फरवरी 2026): ग्राम और वार्ड स्तर पर आवेदन संग्रह किया गया।
  • द्वितीय चरण (16 फरवरी-16 मार्च 2026): पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर आवेदनों का निराकरण किया गया।
  • तृतीय चरण (16 मार्च-31 मार्च 2026): ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर सभी शेष मामलों का समाधान किया गया और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया गया।
  • चतुर्थ चरण (26 मार्च से 31 मार्च 2026): जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर सभी पेंडिंग केसेस का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान दिया गया।

पूरे अभियान के दौरान कुल 3,659 शिविर आयोजित किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं में तेज सेवा वितरण

इस अभियान के तहत कई सरकारी सेवाओं में तेजी आई।

  • चालू खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि के लिए 8.71 लाख आवेदन मिले, जिनमें से 8.69 लाख का समाधान हुआ।
  • आयुष्मान भारत योजना से जुड़े 5.77 लाख आवेदनों में से 5.62 लाख का निराकरण किया गया।
  • नक्शा प्रतिलिपि के 4.09 लाख आवेदनों में से 4.08 लाख का समाधान किया गया।
  • ग्रामीण भवन निर्माण अनुमति के 3.64 लाख आवेदनों में से 3.59 लाख का निराकरण हुआ।
  • निर्माण श्रमिक पंजीयन: 2.31 लाख में से 2.18 लाख का समाधान
  • नो-ड्यूज प्रमाण पत्र: 1.88 लाख में से 1.87 लाख का निराकरण
  • वृद्धावस्था पेंशन योजना: 1.63 लाख में से 1.52 लाख का समाधान
  • किसान क्रेडिट कार्ड: 1.50 लाख में से 1.48 लाख का निराकरण

प्रमाण पत्र और बुनियादी सुविधाओं में सुधार

  • स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के लगभग सभी आवेदनों का समाधान किया गया।
  • नल जल योजना के तहत 1.39 लाख आवेदनों में से 1.33 लाख को पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को मजबूत किया गया।

विभागवार उत्कृष्ट प्रदर्शन: उच्च समाधान दर

विभिन्न विभागों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया:

  • राजस्व विभाग: 99.42%
  • सामान्य प्रशासन: 99.17%
  • नगरीय विकास: 98.18%
  • लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा: 97.44%
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास: 97.65%
  • सहकारिता: 98.63%
  • योजना एवं सांख्यिकी: 98.39%
  • महिला एवं बाल विकास: 97.94%
  • श्रम विभाग: 93.47%
  • सामाजिक न्याय विभाग: 93.38%

जनोन्मुखी प्रशासन को मिला मजबूती का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन को मजबूत करने में सफल रहा है। ‘संकल्प से समाधान अभियान’ सुशासन की दिशा में एक प्रभावी और परिणाम देने वाली पहल बनकर उभरा है।