भोपाल के सांदीपनि कन्या विद्यालय में छात्राओं की कैबिनेट से मिलकर मुख्यमंत्री मोहन यादव बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने एआई, शिक्षा, अनुशासन और नेतृत्व पर खुलकर संवाद किया।
भोपाल। भोपाल में मंगलवार को एक ऐसा दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का परिचय उनकी सरकारी कैबिनेट नहीं, बल्कि एक स्कूल की छात्रा कैबिनेट से कराया गया। कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं की इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को न केवल करीब से समझा, बल्कि उसके सदस्यों से खुलकर बातचीत भी की।
कार्यक्रम ‘किताब से कल तक’ विषय पर आयोजित किया गया था। यहां मुख्यमंत्री ने छात्राओं और शिक्षकों के साथ संवाद किया, भविष्य की चुनौतियों, शिक्षा, तकनीक और जीवन मूल्यों पर अपने विचार साझा किए। छात्राओं की सक्रियता और आत्मविश्वास देखकर वे काफी प्रभावित नजर आए।
Bhopal School News: छात्रा कैबिनेट को मंच पर बुलाकर लिया परिचय
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को जानकारी मिली कि विद्यालय में छात्राओं की अपनी कैबिनेट भी है। यह सुनते ही उन्होंने सभी पदाधिकारियों को मंच पर बुलाया और एक-एक कर उनसे परिचय लिया। स्पोर्ट्स मिनिस्टर शिवानी ने बताया कि वह खेल गतिविधियों से जुड़े विद्यार्थियों की बात शिक्षकों तक पहुंचाती हैं। कल्चरल मिनिस्टर सपना गिरी ने स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालने की जानकारी दी। वहीं अनुशासन मंत्री दीपिका परते और शालिनी परतेले ने स्कूल में अनुशासन बनाए रखने की भूमिका बताई।
जब शालिनी ने कहा कि स्कूल के सभी बच्चे अच्छे हैं और अनुशासन बनाए रखने में कोई परेशानी नहीं होती, तो मुख्यमंत्री मुस्कुरा पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अनुशासन बनाने वालों से लोग अक्सर नाराज रहते हैं।
हेड गर्ल स्नेहा, डिप्टी हेड गर्ल सालेह खान और सचिव भावना पाठे ने भी अपनी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि उनकी कैबिनेट का गठन चुनाव के जरिए होता है। विद्यार्थी प्रचार करते हैं, वोटिंग होती है और फिर एक साल के लिए कैबिनेट चुनी जाती है। जरूरत पड़ने पर किसी सदस्य को हटाया भी जा सकता है।
CM Mohan Yadav Speech: सरकारी स्कूल में पढ़े, छात्राओं को बताया अपना अनुभव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे भी सरकारी स्कूल से पढ़े हैं। हालांकि उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके समय में इतने आधुनिक और सुविधासंपन्न स्कूल नहीं होते थे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी भाग्यशाली है, जिसे बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। भारत की संस्कृति, संस्कार और शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भारत को सम्मान की नजर से देखती है क्योंकि यहां ‘जियो और जीने दो’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ जैसे विचार जीवन का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की मजबूती केवल आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि उसके मूल संस्कारों और मूल्यों से तय होती है।
Sandipani School Bhopal: क्यों खास है यह विद्यालय?
विद्यालय की शिक्षिका शिवानी शर्मा ने बताया कि वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है। यहां नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं पढ़ रही हैं। विद्यालय में विज्ञान, वाणिज्य और कला सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला और समृद्ध पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यहां आधुनिक शिक्षण पद्धति अपनाई जाती है। विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और राज्य स्तर पर सिल्वर अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ है। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का परिणाम लगातार शत-प्रतिशत रहा है।
ChatGPT और AI पर छात्रा के सवाल का CM ने दिया दिलचस्प जवाब
संवाद के दौरान छात्रा प्रिंसी वर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे ChatGPT का उपयोग करते हैं। इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे विभिन्न कार्यक्रमों और विषयों से जुड़ी नई जानकारी जानने के लिए ऐसे एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ChatGPT, Grok या अन्य AI टूल्स अंतिम सत्य नहीं हैं। इनका उपयोग जरूर करें, लेकिन अपनी सोच और समझ को कभी नजरअंदाज न करें। किसी भी जानकारी को स्वीकार करने से पहले उसकी जांच और क्रॉस-चेक करना जरूरी है।
Career Guidance: डॉक्टर, इंजीनियर ही नहीं, खेती और राजनीति में भी बनाएं भविष्य
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि केवल नौकरी को ही सफलता का पैमाना नहीं मानना चाहिए। डॉक्टर, इंजीनियर, सेना अधिकारी बनने के साथ-साथ कृषि, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग और उद्यमिता के क्षेत्र में भी बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए युवाओं का राजनीति में आना भी जरूरी है। पढ़े-लिखे युवा यदि समाज और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाएंगे तो देश और प्रदेश दोनों आगे बढ़ेंगे।
Instagram, किताबें और सफलता का मंत्र
एक छात्रा ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आज के दौर में जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया से जुड़े रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं। पाठ्यक्रम के अलावा कौन सी किताबें पढ़नी चाहिए, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने लक्ष्य के अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए। जो विषय जीवन के उद्देश्य से जुड़ा हो, उस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की भी अपील की।
पढ़ाई, खेल और अनुशासन का संतुलन जरूरी
जब छात्राओं ने पूछा कि उन्होंने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन कैसे बनाया, तो मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उच्च शिक्षा भी जारी रखी। उन्होंने कहा कि उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहते हुए राजनीति शास्त्र में एमए किया और बाद में पीएचडी भी पूरी की। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रहते हुए एमबीए भी किया। उनका मानना है कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, खेलकूद और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी।
Stress Management Tips: तनाव दूर करने का बताया तरीका
तनाव से निपटने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को हर परिस्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे संगीत सुनते हैं, योग और व्यायाम करते हैं तथा पर्याप्त नींद लेने पर भी ध्यान देते हैं। उनके अनुसार नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Teachers Interaction: शिक्षकों से भी किया खुला संवाद
छात्राओं से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के साथ भी आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों को खेती, सेना, राजनीति, उद्यमिता और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वासी, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना ही शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। शिक्षकों ने भी विद्यालय में सकारात्मक माहौल, समूह गतिविधियों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के बारे में जानकारी साझा की। इस पूरे कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी, लोकतांत्रिक सोच और नेतृत्व क्षमता ने मुख्यमंत्री को प्रभावित किया। वहीं छात्राओं को भी मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का ऐसा अवसर मिला, जो उनके लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला है।


