छोटी दीपावली पर CM मोहन यादव ने ओरछा में श्रीरामराजा सरकार के दर्शन किए। 239.87 करोड़ की पर्यटन परियोजनाओं और रामराजा लोक के कामों की जानकारी भी दी।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को छोटी दीपावली के अवसर पर निवाड़ी जिले की धार्मिक और पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रीरामराजा लोक के निर्माण और विकास कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा का श्रीरामराजा मंदिर सभी के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। राज्य में सरकार बनने के बाद से ही श्रीरामराजा लोक के विकास और निर्माण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से ओरछा बेहद खास जगह है। इसका ऐतिहासिक महत्व भी काफी अधिक है। यहां आने वाले लोगों का मन ओरछा में ही रम जाता है।
CM मोहन यादव ने श्रीरामराजा सरकार के किए दर्शन, प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ
भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। भगवान श्रीराम हम सभी के आराध्य हैं और सभी श्रद्धालु उन्हें नमन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूप चौदस के अवसर पर ओरछा आकर श्रीरामराजा सरकार के दर्शन और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रदेश की सुख-समृद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज के हर वर्ग का कल्याण हो। किसानों, युवाओं, गौपालकों सहित प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक जनहितैषी योजनाओं का लाभ पहुंचे और सरकार की नीतियां अपने उद्देश्यों में सफल हों।
काशी, अयोध्या और उज्जैन की तर्ज पर ओरछा में भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में भगवान विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भगवान श्रीराम धाम और उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास से देश में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। इन धार्मिक स्थलों के विकास ने पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर तैयार किए हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों के विकास के लिए बेहतर वातावरण बना है। ओरछा में भी इसी तरह विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार चाहती है कि यह धार्मिक और पर्यटन नगरी देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाए।
श्रीरामराजा लोक के निर्माण कार्य तय समय पर पूरे करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने श्रीरामराजा लोक के तहत चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों की अलग-अलग श्रेणियों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने रूप चौदस और दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सदस्य महेश केवट, निवाड़ी विधायक अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
CM मोहन यादव ने ओरछा में विकास प्रदर्शनी का किया अवलोकन, प्रतिभागियों को मिलेंगे 5-5 हजार रुपये
श्रीरामराजा सरकार के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओरछा के हाथी साव सुपारी साव परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर स्थानीय इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक खाद्य उत्पादों, औषधीय फसलों और स्थानीय कला से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने हर प्रदर्शनी स्टॉल के प्रतिभागियों को 5-5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। प्रदर्शनी में लगाए गए मानचित्र को देखकर उन्होंने सीतामढ़ी सहित क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ओरछा के स्थानीय जनजीवन, क्षेत्र की खासियतों और यहां की परंपराओं को भी समझा।
मोटे अनाज, तुलसी की चाय और औषधीय फसलों के उत्पादों में दिखाई रुचि
प्रदर्शनी में स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और मोटे अनाज से तैयार खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने तुलसी की खेती, उससे बनने वाली चाय और दूसरी औषधीय फसलों के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने इन उत्पादों के उपयोग, उनके स्वास्थ्य लाभ और स्थानीय स्तर पर उत्पादन की संभावनाओं में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खानपान को इस तरह के आयोजनों के जरिए पहचान मिलती है।
बुंदेली पेंटिंग बनाने वाली बालिकाओं से मिले CM, खुद खरीदीं कुछ पेंटिंग्स
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी में बुंदेली कला और चित्रकारी का प्रदर्शन कर रही बालिकाओं से भी बातचीत की। उन्होंने बालिकाओं की बनाई पेंटिंग्स देखीं और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी बनाई हुई कुछ पेंटिंग्स खुद खरीदीं और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने में बालिकाओं का प्रयास सराहनीय है। ऐसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि क्षेत्र की पारंपरिक कला को आगे भी पहचान मिलती रहे।
मुख्यमंत्री ने हाथी साव सुपारी साव परिसर में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खानपान, औषधीय वनस्पतियों और बुंदेली कला को प्रदर्शनी के माध्यम से सामने लाने के प्रयासों की तारीफ की।
ओरछा में 239.87 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बदलेगी पर्यटन की तस्वीर
ओरछा के सांस्कृतिक गौरव को फिर से स्थापित करने और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए कुल 239.87 करोड़ रुपये की लागत से अलग-अलग परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए ओरछा को धार्मिक आस्था और वैश्विक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
इन परियोजनाओं में 126.96 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्रीरामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा स्टेट आर्कियोलॉजी के तहत 7.5 करोड़ रुपये और स्टेट टूरिज्म के तहत 19.73 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। अन्य विशेष अनुभव और विकास से जुड़े कामों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
लक्ष्मी मंदिर, रायप्रवीण महल और फूल बाग के संरक्षण का काम पूरा
ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए भी कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं। इनमें लक्ष्मी मंदिर की चारदीवारी का निर्माण, रायप्रवीण महल और उद्यान, नजीर बाग एवं फूल बाग के संरक्षण कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही राजा महल के संरक्षण और बाउंड्री वॉल निर्माण का काम भी पूरा कर लिया गया है।
इन परियोजनाओं के जरिए ओरछा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास कार्यों के पूरा होने के बाद ओरछा धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करे।














