मध्यप्रदेश में तैयार 70 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण शिक्षा और संस्कृति के महाउत्सव के रूप में होगा। गुरु पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी और AI प्रदर्शन भी होंगे।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जुलाई को मंत्रालय में लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके सांदीपनि विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यालयों के लोकार्पण कार्यक्रम केवल औपचारिक उद्घाटन तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें शिक्षा, संस्कृति और जनभागीदारी से जुड़े सामाजिक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे स्कूल चलें अभियान के दौरान होने वाले इन आयोजनों में विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज भी इस पहल का हिस्सा बन सके।

सांदीपनि विद्यालयों का उद्घाटन बने बच्चों के लिए यादगार अवसर

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण केवल नए भवनों का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए दौर की शुरुआत है। इसलिए इन कार्यक्रमों को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएं और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। साथ ही सभी बच्चों को स्वल्पाहार और मिष्ठान्न भी वितरित किया जाए, ताकि यह दिन उनके लिए हमेशा यादगार बना रहे।

गुरु सांदीपनि पर प्रकाशित होगी पॉकेट बुक, विद्यार्थियों को मिलेगी प्रेरणा

बैठक में मुख्यमंत्री ने गुरु सांदीपनि के जीवन और उनके आदर्शों पर आधारित एक लघु पुस्तिका (पॉकेट बुक) तैयार कर विद्यार्थियों में वितरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गुरु सांदीपनि सामाजिक समरसता के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने जाति, वर्ग, रंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया। राजपरिवार के बच्चों से लेकर किसानों और गरीब परिवारों के विद्यार्थियों तक सभी को समान भाव से शिक्षा और संस्कार दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और नैतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

गुरु पूर्णिमा पर सांदीपनि विद्यालयों में होंगे विशेष कार्यक्रम

बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन सांदीपनि विद्यालयों का पहले ही लोकार्पण हो चुका है, वहां प्रवेशोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा का आदर्श केंद्र बनना चाहिए।

70 सांदीपनि विद्यालय तैयार, विज्ञान प्रदर्शनी और AI प्रदर्शन होंगे आकर्षण

बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने जानकारी दी कि प्रदेश में 70 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के 46 और जनजातीय कार्य विभाग के 24 विद्यालय शामिल हैं। सभी विद्यालय अब लोकार्पण के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि इन विद्यालयों का लोकार्पण संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाए। साथ ही 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रत्येक जिले के एक सांदीपनि विद्यालय में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विशेष उत्सव आयोजित किया जाए।

इन कार्यक्रमों में विज्ञान प्रदर्शनी, गुरुजनों का सम्मान, विद्यार्थियों और शिक्षकों के नवाचारों की प्रस्तुति, डिजिटल तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रदर्शन तथा विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने जैसे आयोजन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और शिक्षा के मूल्यों से भी परिचित कराएंगे।