सांची में स्वच्छ पर्यटन अभियान के तहत बड़े स्तर पर सफाई अभियान चला। MP Tourism ने ऐलान किया कि अब हर महीने प्रदेश के एक पर्यटन स्थल पर ऐसी मुहिम चलेगी।
सांची/भोपाल। विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची में शनिवार को 'स्वच्छ पर्यटन अभियान' के तहत बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) और इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) ने संयुक्त रूप से किया। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), ग्राम पंचायत, स्थानीय नागरिक, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग, सफाई कर्मी, एनसीसी (NCC) के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त बनाना है। साथ ही स्थानीय लोगों को भी स्वच्छ पर्यटन अभियान से जोड़कर इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया गया।
MP Tourism Board का बड़ा ऐलान, हर महीने चलेगा स्वच्छ पर्यटन अभियान
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि सांची से शुरू हुआ यह अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं है, बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। अब प्रदेश के हर महीने किसी न किसी प्रमुख पर्यटन स्थल पर इसी तरह का स्वच्छता अभियान आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ ऐतिहासिक स्मारकों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सांची की विशेष पहचान, संरक्षण और स्वच्छता दोनों जरूरी
डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि सांची देश की पहली सोलर सिटी है और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। हर वर्ष यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे विश्व धरोहर स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण सभी की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई तभी लंबे समय तक बनी रह सकती है, जब स्थानीय नागरिक, दुकानदार, पर्यटक और प्रशासन मिलकर इसकी जिम्मेदारी निभाएं। पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाकर स्वच्छ पर्यटन को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
स्वच्छता शपथ के साथ हुई अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता शपथ के साथ हुई। सभी प्रतिभागियों ने पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद सांची स्तूप परिसर में सामूहिक श्रमदान किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, ASI, ग्राम पंचायत, सफाई कर्मियों, पर्यटन हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, एनसीसी विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर पूरे परिसर की साफ-सफाई की। कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए परिसर में नए डस्टबिन भी लगाए गए।
दुकानदारों को दिए गए कपड़े के थैले, प्लास्टिक छोड़ने की अपील
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से आसपास के दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए गए। उन्हें सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद कर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने जंबू द्वीप पार्क तक स्वच्छता पैदल मार्च निकाला। इस मार्च के माध्यम से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जिम्मेदार पर्यटन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
विद्यार्थियों ने चित्रकला के जरिए दिया स्वच्छ पर्यटन का संदेश
नई पीढ़ी को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से उत्कृष्ट विद्यालय, सांची में "स्वच्छ पर्यटन-स्वच्छ भारत" विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक चित्रकला के माध्यम से स्वच्छ पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
IATO ने कहा- स्वच्छ पर्यटन से मजबूत होगी भारत की वैश्विक पहचान
IATO के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता भारत की सकारात्मक वैश्विक छवि को मजबूत करती है। यदि हमारे पर्यटन स्थल साफ-सुथरे होंगे तो दुनिया में भारत की पहचान और बेहतर बनेगी। उन्होंने कहा कि "स्वच्छ पर्यटन, देश की शान" केवल एक नारा नहीं बल्कि जनभागीदारी का संकल्प है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अभियान को आगे भी जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि भविष्य में मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
कार्यक्रम में कई अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. शिवकांत बाजपेयी, IATO के मानद संयुक्त सचिव विनय त्यागी, IATO मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, सफाई कर्मी, एनसीसी के विद्यार्थी और पर्यटन उद्योग से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।


