मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीहोर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV का शुभारंभ किया। योजना के तहत मध्यप्रदेश में 1763 करोड़ रुपये की लागत से 963 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इससे 987 बसाहटों को बेहतर सड़क संपर्क और ग्रामीण विकास का लाभ मिलेगा।
भोपाल/सीहोर। Mohan Yadav ने 10 मई को सीहोर जिले के भैरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV और पीएम जनमन योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प वर्षा के साथ की।

1763 करोड़ रुपये से बनेंगी 963 सड़कें, 987 बसाहटों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत मध्यप्रदेश में 1763 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 2117 किलोमीटर लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से प्रदेश की 987 बसाहटों को बेहतर सड़क संपर्क सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सीहोर जिले में 165 करोड़ रुपये से बनेंगी 81 सड़कें
योजना के तहत सीहोर जिले में 165 करोड़ रुपये की लागत से 209 किलोमीटर लंबी 81 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन सड़कों से जिले की 84 बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को यात्रा में सुविधा होगी और विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश - मुख्यमंत्री मोहन यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में तेजी से विकास हो रहा है और हर क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश में विकास का नया दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से प्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये की सौगात मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं में मध्यप्रदेश को कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मध्यप्रदेश को मिले कई पुरस्कार
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी वितरित किए गए। सड़क निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को कई सम्मान मिले। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला। प्रदेश में अब तक 90 हजार 766 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा चुकी हैं। इस श्रेणी में राजस्थान दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा।
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा सहायता स्वीकृति पत्र
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2055 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास का महायज्ञ चल रहा है। प्रदेश में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और केंद्र सरकार भी इसमें सहयोग कर रही है।
मध्यप्रदेश योजनाओं को लागू करने के साथ लक्ष्य भी हासिल करता है
केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री Chandrasekhar Pemmasani ने कहा कि मध्यप्रदेश योजनाओं को केवल लागू ही नहीं करता, बल्कि उनके लक्ष्य भी हासिल करता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-IV के तहत प्रदेश में 2500 किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे गांवों और बसाहटों का संपर्क और मजबूत होगा।
गांव और शहर की दूरी कम कर रही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Kamlesh Paswan ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से गांव और शहर के बीच की दूरी कम हुई है। अब किसान आसानी से अपनी फसल शहर की मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचने और बच्चों को स्कूल जाने में भी सुविधा मिल रही है।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें | PMGSY Madhya Pradesh Highlights
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पीएम जनमन योजना के तहत 261 करोड़ रुपये की नई सड़कों की मंजूरी का पत्र सौंपा।
- 1763 करोड़ रुपये की लागत से 963 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
- देश के विभिन्न राज्यों के लिए 18 हजार 907 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला पुरस्कार मिला।
- प्रदेश में 90 हजार 766 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार की गई हैं।
- सड़क निर्माण में राजस्थान दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा।
- बसाहटों को जोड़ने की श्रेणी में बिहार पहले और मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।
- सड़क रखरखाव में उत्तर प्रदेश को पहला स्थान मिला।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के रखरखाव में मध्यप्रदेश पहले और छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर रहा।
- असम, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।


