विकसित मध्यप्रदेश कॉन्क्लेव में सीएम मोहन यादव ने 2047 तक विकसित भारत में 2 ट्रिलियन डॉलर योगदान, निवेश, उद्योग और रोजगार पर बड़ा विजन पेश किया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को एक निजी होटल में आयोजित "विकसित मध्यप्रदेश" विषयक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य का भविष्य तब बदलता है, जब उसके लक्ष्य बड़े और स्पष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण भारत आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि कई देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी इस राष्ट्रीय संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है और लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के योगदान का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रधानमंत्री के संकल्पों को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मध्यप्रदेश बना देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल
डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जो सबसे तेज गति से विकास कर रहे हैं। प्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक विकास कार्यों को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है और प्रदेशवासी उनके साहस एवं त्याग को हमेशा स्मरण करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो भी व्यक्ति यहां आता है, वह इस प्रदेश से जुड़ाव महसूस करने लगता है। पिछले तीन वर्षों में राज्य ने विकास की दिशा में लगातार उल्लेखनीय प्रगति की है।
निवेश और उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश बना पसंदीदा गंतव्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने पारदर्शी, सरल और उद्योग हितैषी नीतियां लागू की हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश के केंद्र में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष लाभ मिलता है। राज्य सरकार ने चारों दिशाओं में सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे उद्योगों और व्यापार को नई गति मिल रही है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 से मिला ऐतिहासिक निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफल रही है। इससे प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य के रूप में पहचान रखने वाला मध्यप्रदेश अब उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में भी अपनी मजबूत छवि बना चुका है।
रोजगार, स्पेस टेक्नोलॉजी और नवाचार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने उद्योग और रोजगार को समर्पित किया है। भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शीर्ष स्थान हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है। वहीं भारतीय वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी स्पेस-टेक पॉलिसी भी लॉन्च की है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश को निवेश, नवाचार, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि निरंतर प्रयासों के बल पर मध्यप्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।


