मध्यप्रदेश में नवंबर के आखिर में गीता आधारित शिक्षा प्रतियोगिता का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। यह प्रतियोगिता बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बात की प्रसन्नता है की मध्यप्रदेश की धरती पर भगवान श्री कृष्ण ने संदिपनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। भगवान श्री कृष्ण खासकर शिक्षा ग्रहण करने उत्तरप्रदेश से कंस को मारने की घटना के बाद मध्यप्रदेश आते हैं, उस समय भी हमारे समाज की शिक्षा भी बताती है और उनका मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करना यह हमारे लिए अतीत के गौरवशाली पृष्ठ से जोड़ता है जो शिक्षा के आधार पर मध्यप्रदेश की पहचान बनी।

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उन्होंने कहा कि ऐसे में भगवान के मुख से निकली हुई पवित्र गीता बच्चों तक जाए, समाज तक जाए, इसीलिए प्राचीन ज्ञान, विज्ञान सभी प्रकार का अतीत का गौरवशाली पृष्ठ से रूबरू कराने के लिए सामूहिक रूप से बच्चों के बीच में मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता का आयोजन नवंबर के आखिरी सप्ताह में होने वाला है।

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूँ कि इस आयोजन में हमारे सभी बच्चे भाग लेंगे। बदलते दौर में भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों को सामने लाने की आवश्यकता है। इनके जीवन के ऐसे कई प्रसंग हैं जिससे बच्चों में धीरता, वीरता, गंभीरता और अलग अलग प्रकार के साहस निर्माण के अवसर मिलते हैं।

उन्होंने कहा नई शिक्षा नीति में भी हमने यह प्रयास किया है कि हमारे अतीत के गौरवशाली पृष्ठों को सबके सामने लाएं ऐसे में इस गीता महोत्सव में मैं आप सबसे अपील करता हूं कि अपने बच्चों को तैयार कराएं और इस प्रतियोगिता में शामिल हों

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आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है "गीता उत्सव": मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीमद् भगवत गीता पर केन्द्रित गीता उत्सव के अभियान पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस उत्सव का महत्व इसलिए और भी बढ़ जाता है क्योंकि देश में पहली बार गीता पर आधारित शिक्षा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की महान कला सिखाने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ भी है। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव हमारी महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव है। यह एक अद्भुत अवसर है जिसके माध्यम से हम श्रीमद् भगवत गीता के अमूल्य ज्ञान और प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात कर सकते है।

मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित श्रीमद् भगवत गीता के जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं इस्कॉन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से गीता की अमूल्य शिक्षा और जीवन मूल्यों को गहराई से समझने और उन्हें आत्मसात करने का अद्भुत अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता न केवल लोगों के बौद्धिक विकास में सहायक होगी बल्कि उनमें धैर्य, आत्म नियंत्रण और सही निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास करेगी। गीता उत्सव के माध्यम से लोगों को गीता के गहन संदेशों को आत्मसात करने और अपने जीवन को ऊर्जावान और सही दिशा प्रदान करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से गीता उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि इस उत्सव में शामिल होकर इसे अविस्मरणीय बनाएं।