मुरैना की बंद कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। MP MSME विभाग ने 30 साल की लीज के लिए 15 सितंबर तक ऑनलाइन EOI आमंत्रित की है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में बंद पड़े उद्योगों को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में सरकार ने एक और कदम उठाया है। मुरैना जिले की कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए एमएसएमई विभाग ने इच्छुक कंपनियों और निवेशकों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है। सरकार का मानना है कि मिल के दोबारा संचालन से कैलारस और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर पैदा होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

Kailaras Sugar Mill News: 15 सितंबर तक जमा होंगे ऑनलाइन प्रस्ताव

एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार के मुताबिक, कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने के लिए 15 सितंबर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन प्रस्ताव जमा किए जा सकते हैं। प्राप्त प्रस्तावों को अगले दिन 16 सितंबर को शाम 5 बजे खोला जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की पृष्ठभूमि में 19 अगस्त 2025 को हुई कैबिनेट बैठक का फैसला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कैलारस चीनी मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था। सरकार का उद्देश्य मिल का पुनरुद्धार कर क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की भी उम्मीद है।

MP Sugar Mill Lease: 31 अगस्त और 1 सितंबर को साइट विजिट

सरकार कैलारस शुगर मिल को “जैसी है, जहां है” के आधार पर लीज पर देने की तैयारी कर रही है। लीज लेने में रुचि रखने वाली कंपनियां या निवेशक 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से मिल की साइट विजिट कर सकते हैं। लीज से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया पर चर्चा के लिए 3 सितंबर को बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक दोपहर 3 बजे विंध्याचल भवन की चौथी मंजिल स्थित मीटिंग हॉल में होगी। इच्छुक पक्षों को प्रक्रिया से संबंधित लिखित सवाल पूछने का मौका भी दिया गया है। लिखित प्रश्न 7 सितंबर शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते हैं।

MP MSME News: 30 साल के लिए लीज पर दी जाएगी मिल

MSME विभाग के मुताबिक, कैलारस शुगर मिल के लिए लीज अवधि 30 वर्ष रखी गई है। संतोषजनक कामकाज और निर्धारित शर्तों के आधार पर लीज की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। शुगर और इससे जुड़े उप-उत्पादों का निर्माण करने की क्षमता रखने वाली कंपनियां इस प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

Kailaras Sugar Mill Capacity: रोज 1,250 टन गन्ने की होगी पेराई

कैलारस शुगर मिल की लोकेशन भी कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यह मिल NH-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। मिल की गन्ना पेराई क्षमता करीब 1,250 टन प्रतिदिन है। इसके परिसर में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट एवं मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन शामिल है। सरकार की कोशिश है कि उपयुक्त कंपनी के जरिए मिल को दोबारा संचालन में लाया जाए, जिससे इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिले।

Morena News: रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

कैलारस शुगर मिल के पुनरुद्धार को सिर्फ एक बंद उद्योग को दोबारा शुरू करने की कवायद के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके पीछे स्थानीय रोजगार बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की योजना है। मिल शुरू होने पर गन्ना किसानों, श्रमिकों, परिवहन से जुड़े कारोबार और दूसरे स्थानीय व्यवसायों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की संभावना है। विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विवरण संबंधित सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।