मध्यप्रदेश के महेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के पहले जनभागीदारी आधारित 60 मेगावाट जलूद सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया। ग्रीन बॉन्ड योजना से जनता को 20 साल तक आर्थिक लाभ और इंदौर को स्वच्छ बिजली मिलेगी।
भोपाल/खरगोन। मध्यप्रदेश में बिजली और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में 29 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगौन जिले के महेश्वर स्थित जलूद सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया। यह देश का पहला ऐसा सोलर पावर प्लांट है, जिसे जनभागीदारी मॉडल पर तैयार किया गया है। लगभग 271.16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट की क्षमता 60 मेगावाट है। इस परियोजना से आम लोगों को करीब 20 वर्षों तक आर्थिक लाभ मिलने की बात कही गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना की विशेषताओं की जानकारी दी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखा। गौरतलब है कि इस परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में किया था। कार्यक्रम में हरित ऊर्जा से जुड़े कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
Jalud Solar Power Plant: इंदौर नगर निगम को मिलेगी सस्ती और स्वच्छ बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जलूद सोलर पावर प्लांट केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इस प्लांट में सूर्य की ऊर्जा को बिजली में बदलकर इंदौर नगर निगम को आपूर्ति की जाएगी। लगभग 60 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना को भारत सरकार का पूरा सहयोग मिला है।
उन्होंने बताया कि ग्रीन बॉन्ड योजना के जरिए देश की जनता को भी इस परियोजना में भागीदार बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति एक-एक लाख रुपये के अधिकतम 10 बॉन्ड खरीद सकता है। प्रत्येक एक लाख रुपये के निवेश पर लगभग 8 प्रतिशत तक लाभ मिलने की संभावना है और इसका फायदा करीब 20 साल तक मिलेगा। जरूरत पड़ने पर इन बॉन्ड्स को बेचा भी जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से सरकार ने लोगों को घर बैठे कमाई का अवसर दिया है। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में उत्पादित बिजली से दिल्ली मेट्रो तक संचालित हो रही है।
Green Energy MP: 10 साल में लागत वसूली, अगले 10 साल सिर्फ मुनाफा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलूद सोलर परियोजना से दोहरा फायदा होगा। एक तरफ इंदौर नगर निगम को बिजली मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना की पूरी लागत करीब 10 वर्षों में निकल जाएगी और उसके बाद अगले 10 वर्षों तक केवल लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता केवल 5000 मेगावाट थी। उस समय रात में बिजली कटौती आम बात थी और दिन में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पाती थी।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गांव-गांव तक पक्की सड़कें पहुंचाने का काम किया। साथ ही विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने विकास के मामलों में देश को पीछे छोड़ दिया।
Vedic Clock Project: सभी 12 ज्योतिर्लिंग परिसरों में लगेगी वैदिक घड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय खगोल विज्ञान दुनिया के लिए हमेशा प्रेरणा रहा है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर के 12 महीने भी भारतीय खगोल गणना से प्रभावित हैं। आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिकों ने बहुत पहले ग्रहों की गति और समय चक्र की जानकारी दुनिया को दी थी।
उन्होंने कहा कि ग्रहों और नक्षत्रों की गति के आधार पर सूर्य और चंद्र ग्रहण की सटीक जानकारी भारतीय वैदिक ज्ञान से संभव होती है। मध्यप्रदेश सरकार ने विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के सहयोग से वैदिक घड़ी तैयार की है। यह घड़ी पहले उज्जैन में स्थापित की गई और बाद में काशी विश्वनाथ मंदिर में भी लगाई गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम में सम्राट विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया है। अब राज्य सरकार के सहयोग से देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग परिसरों में यह वैदिक घड़ी स्थापित की जाएगी।
किसानों को दिन में बिजली, गेहूं समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन का कार्य जारी है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में गेहूं के दाम में 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों के दौरान गेहूं का भाव कुल मिलाकर 2100 रुपये तक बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश अब बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है।
Women Reservation: कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकार छीनने का आरोप
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महेश्वर-मंडलेश्वर क्षेत्र प्राचीन समय से ज्ञान और विज्ञान का केंद्र रहा है। उन्होंने महर्षि मंडन मिश्र और आदि शंकराचार्य के बीच हुए प्रसिद्ध शास्त्रार्थ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय मंडन मिश्र की पत्नी को न्यायाधीश बनाया गया था, जो नारी सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया, तब कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आजादी के बाद 55 वर्षों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी देने का संकल्प लिया है और आने वाले समय में महिलाएं इसका जवाब देंगी। मुख्यमंत्री ने अहिल्याबाई होलकर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन समय में देशभर के मंदिरों का पुनर्निर्माण और विकास कराया था।


