विक्रमोत्सव 2026 को BITA Awards में Government Event of the Year गोल्ड अवॉर्ड मिला। यह इस वर्ष का तीसरा राष्ट्रीय सम्मान है, जिससे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा।
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2026 ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इस भव्य आयोजन को इस वर्ष तीसरा राष्ट्रीय सम्मान मिला है। देहरादून में 15 और 16 जुलाई 2026 को इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्री द्वारा आयोजित हिंदुस्तान 2.0 नेशनल चिंतन शिविर एवं एक्सपो के दौरान BITA Awards 2026 में विक्रमोत्सव 2026 को Government Event of the Year (Gold Award) से सम्मानित किया गया।
बताया गया है कि BITA की टीम जल्द ही भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेगी। विक्रमोत्सव को दुनिया के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल होते हैं।
पहले भी दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुका है विक्रमोत्सव 2026
इससे पहले नई दिल्ली में 2 और 3 मई 2026 को आयोजित Show of India Conclave 2026 में भी विक्रमोत्सव 2026 ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस आयोजन को Cultural Live Event of the Year श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड और Best Government Participation in Live Event श्रेणी में सिल्वर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई उड़ान
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के कारण उज्जैन में आयोजित होने वाला विक्रमोत्सव आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अब केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत का राष्ट्रीय उत्सव बन गया है। उन्होंने बताया कि विक्रमोत्सव 2026 को मिला यह तीसरा राष्ट्रीय सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उत्कृष्ट आयोजन क्षमता और जनभागीदारी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति का प्रमाण है।
'विरासत से विकास' के संकल्प को नई पहचान दे रहा है विक्रमोत्सव
श्रीराम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विरासत से विकास' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विक्रमोत्सव की यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारतीय इवेंट उद्योग के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन बड़े स्तर पर सरकारी कार्यक्रमों के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विक्रमोत्सव भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और नवाचार का जीवंत उत्सव बन चुका है और यह सम्मान भविष्य में और बेहतर आयोजन करने की प्रेरणा देगा।
विगत वर्षों में भी कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं
विक्रमोत्सव पहले भी कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल कर चुका है। वर्ष 2025 में इसे EMAX Global Awards में Longest Standing IP of the Year सम्मान मिला था। इसी वर्ष WOW Awards Asia 2025 में इसे एशिया के सर्वश्रेष्ठ शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड से नवाजा गया। वहीं वर्ष 2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का Biggest Religious Award भी प्राप्त हुआ था।
17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा विक्रमोत्सव 2026
विक्रमोत्सव 2026 ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नया रिकॉर्ड बनाया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से जुड़ी गतिविधियां 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचीं। आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए करीब 47.85 लाख लोगों ने आयोजन को देखा, जबकि आम लोगों द्वारा तैयार किए गए कंटेंट और विभिन्न सोशल मीडिया हैशटैग्स के माध्यम से 17.24 करोड़ से अधिक डिजिटल रीच दर्ज की गई।
139 दिनों तक चला विक्रमोत्सव 2026, देश-दुनिया में बना आकर्षण का केंद्र
विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत वर्ष प्रतिपदा और सृष्टि निर्माण दिवस से हुई। इसके बाद पंचमहाभूतों में जल तत्व के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान आयोजित किया गया। 12 फरवरी से 30 जून 2026 तक चले इस 139 दिवसीय आयोजन ने सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। पहले चरण का समापन महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा प्रस्तुत 'शिवोऽहम महादेव' कार्यक्रम के साथ हुआ। इसके बाद 19 मार्च से 30 जून तक चले दूसरे चरण में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें 4 हजार से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
वाराणसी में हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य मंचन
विक्रमोत्सव 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल के बीच वाराणसी में महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य का भव्य मंचन भी किया गया।


