भोपाल में 13 जुलाई को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 आयोजित होगा। इसमें GCC, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश, रोजगार और नई परियोजनाओं पर फोकस रहेगा।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 13 जुलाई को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर एडिशन का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च क्षमता वाले तकनीकी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य सरकार की तकनीक आधारित औद्योगिक विकास की रणनीति प्रस्तुत करेंगे। साथ ही उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निवेश, परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा भी करेंगे।
MP Tech Growth Conclave का रिकॉर्ड: पहले दो संस्करणों में मिला हजारों करोड़ का निवेश
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करणों ने प्रदेश में तकनीकी निवेश को नई दिशा दी है। पहले कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनसे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। वहीं, दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 48 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना बनी। अब कॉन्क्लेव 3.0 का लक्ष्य इस निवेश अभियान को और आगे बढ़ाते हुए रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में उद्योगों की भागीदारी को मजबूत करना है।
GCC, Data Center और Semiconductor कंपनियों की रहेगी बड़ी भागीदारी
मध्यप्रदेश अपनी उद्योग-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बेहतर भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल के कारण देश के तेजी से उभरते तकनीकी निवेश केंद्रों में शामिल हो रहा है। कॉन्क्लेव में देश और विदेश की कई प्रमुख कंपनियों, उद्योग संगठनों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालकों, डेटा सेंटर डेवलपर्स, सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड सहित कई अग्रणी कंपनियों और टेक इकोसिस्टम से जुड़े साझेदार भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
Startup, Innovation और Research Ecosystem को मिलेगा बड़ा मंच
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार आधारित उद्यमों, इनक्यूबेटर्स और टेक इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी अपनी संभावनाएं प्रस्तुत करने का अवसर देगा। आईआईएसईआर और आईआईएम इंदौर जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने से जुड़े अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे।
नई घोषणाएं, साझेदारियां और निवेश समझौते होंगे आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं, परियोजनाओं का लोकार्पण और रणनीतिक साझेदारियों के साथ विभिन्न समझौतों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश के तकनीकी इकोसिस्टम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह आयोजन प्रदेश में तकनीक आधारित औद्योगिक विकास को नई गति देगा। साथ ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर तैयार करेगा। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 को मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी तकनीकी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


