गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का पांचवां संस्करण 15 अक्टूबर से शुरू होगा। जानें लग्जरी टेंट सिटी, वाटर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी और पहुंचने का पूरा रास्ता।

भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदसौर स्थित गांधीसागर जलाशय के खूबसूरत बैकवाटर्स पर 15 अक्टूबर से गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पांचवें संस्करण की शुरुआत हो रही है। प्रकृति के करीब सुकून भरे पल बिताने के साथ रोमांचक गतिविधियों का आनंद लेने के इच्छुक पर्यटकों के लिए यह खास आकर्षण रहेगा। चंबल नदी के शांत पानी और हरियाली से घिरे इस इलाके में पर्यटकों को लग्जरी टेंट सिटी में ठहरने से लेकर वाटर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी और कई दूसरी गतिविधियों का अनुभव मिलेगा।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से लल्लूजी एंड सन्स और इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम एडवेंचर और इको-फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। बीते कुछ वर्षों में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इस बार भी पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के बीच आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

Gandhi Sagar Forest Retreat 2026: 15 अक्टूबर से पांचवें संस्करण की शुरुआत

मंदसौर का गांधीसागर जलाशय अपने प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इसी खूबसूरत परिवेश में आयोजित होने वाला गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट अब मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो चुका है। 15 अक्टूबर को इसके पांचवें संस्करण का शुभारंभ किया जा रहा है। चंबल नदी के बैकवाटर्स के आसपास तैयार किए गए इस पर्यटन स्थल पर प्रकृति के बीच समय बिताने के साथ एडवेंचर गतिविधियों का आनंद भी लिया जा सकेगा। आयोजन का उद्देश्य पर्यटकों को ऐसा अनुभव देना है, जिसमें रोमांच के साथ आराम और प्राकृतिक वातावरण से जुड़ाव भी बना रहे।

Luxury Tent City: लग्जरी टेंट में ठहरने का मिलेगा मौका

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लग्जरी टेंट सिटी तैयार की गई है। ग्लेम्पिंग के नाम से लोकप्रिय इस व्यवस्था में कैंपिंग का अनुभव और आरामदायक ठहरने की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। जो लोग होटल से अलग किसी प्राकृतिक जगह पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह खास विकल्प है। जलाशय के आसपास का शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारे इस अनुभव को और आकर्षक बनाते हैं।

Adventure Activities: जिपलाइन से एटीवी राइड तक मिलेगा रोमांच

रिट्रीट में जमीन पर रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए कई गतिविधियां रखी गई हैं। इनमें हाई रोप, जिपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, डुओ साइकिल और एयरगन शूटिंग शामिल हैं। इन गतिविधियों के जरिए पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच अलग-अलग तरह के एडवेंचर का अनुभव कर सकेंगे। परिवार और दोस्तों के साथ घूमने आने वाले लोगों के लिए भी यहां कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

Water Sports: स्पीड बोट, जेट स्कीइंग और कयाकिंग का आकर्षण

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में वाटर स्पोर्ट्स भी प्रमुख आकर्षण रहेंगे। पर्यटकों के लिए स्पीड बोट, जेट स्कीइंग, बनाना बोट, ड्रैगन बोट और कयाकिंग जैसी गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। हवा में रोमांच का अनुभव लेने के इच्छुक पर्यटक पैरामोटरिंग का आनंद भी ले सकेंगे। जल, नभ और थल पर होने वाली इन गतिविधियों के कारण यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए खास बनता है।

Jungle Safari से Star Gazing तक, सुकून के लिए भी कई विकल्प

यहां सिर्फ रोमांचक खेल ही नहीं, बल्कि शांति और प्रकृति के करीब समय बिताने के विकल्प भी मौजूद हैं। पर्यटकों के लिए जंगल सफारी, नाइट वॉक, स्टार गेजिंग और बोट सफारी जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा बोट स्पा, योग और वेलनेस सत्रों के जरिए पर्यटक आराम के कुछ पल बिता सकेंगे। इनडोर खेलों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे अलग-अलग रुचि वाले लोगों को अपनी पसंद के अनुसार गतिविधियां चुनने का मौका मिलेगा।

MP Tourism: लोक कला, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में पर्यटकों को मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कलाओं, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय खानपान को जगह मिलेगी।

इससे पर्यटक केवल प्राकृतिक नजारों और एडवेंचर गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मध्यप्रदेश की संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को भी करीब से समझ सकेंगे। स्थानीय व्यंजनों का स्वाद इस अनुभव का एक अहम हिस्सा होगा।

Gandhi Sagar Tourism: स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

वर्ष 2023 में शुरू हुआ गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट अब राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इस तरह के आयोजनों से गांधीसागर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटकों के आने पर स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। ठहरने, परिवहन, खानपान और पर्यटन से जुड़ी दूसरी सेवाओं की मांग बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

Gandhi Sagar Forest Retreat कैसे पहुंचें? इंदौर और भोपाल से दूरी

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट तक सड़क और रेल मार्ग से पहुंचा जा सकता है। इंदौर और भोपाल समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों से यहां जाने के लिए परिवहन के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इंदौर से गांधीसागर की दूरी: इंदौर से गांधीसागर की दूरी लगभग 250 से 300 किलोमीटर बताई गई है। निजी वाहन, टैक्सी या नियमित बस सेवाओं से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के जरिए यह सफर करीब 4 से 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। रेल से आने वाले पर्यटक नागदा या भवानी मंडी जंक्शन तक पहुंचकर वहां से स्थानीय परिवहन की मदद ले सकते हैं।

भोपाल से गांधीसागर की दूरी: राजधानी भोपाल से सड़क मार्ग द्वारा गांधीसागर तक पहुंचने में लगभग 7 घंटे लग सकते हैं। दोनों के बीच की दूरी करीब 333 किलोमीटर है। ट्रेन से यात्रा करने वाले पर्यटक भवानी मंडी रेलवे स्टेशन से लगभग 55 किलोमीटर, मंदसौर से करीब 70 किलोमीटर या नीमच से लगभग 115 किलोमीटर की दूरी तय करके गांधीसागर पहुंच सकते हैं। इन स्टेशनों से आगे का सफर टैक्सी या बस से किया जा सकता है। यात्रा पर निकलने से पहले पर्यटकों को अपने चुने हुए मार्ग, ट्रेन और बस की उपलब्धता की जानकारी जांच लेनी चाहिए।