MP Weather Alert:एक शक्तिशाली मानसून सक्रिय हो गया है! 24 घंटों के भीतर मध्य प्रदेश के 20 से ज़्यादा ज़िलों में 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है। क्या आपका शहर बाढ़ से प्रभावित होगा या बच जाएगा? अपडेट रहें और सतर्क रहें!

MP rainfall prediction July 2025: मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है और इस बार बादलों के साथ चेतावनी भी आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 20 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर भारी बारिश की आशंका जताई है। कुछ क्षेत्रों में 4.5 इंच तक पानी गिर सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

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डबल सिस्टम एक्टिव, ट्रिपल खतरा!

IMD की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश पर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। यही सिस्टम लगातार नमी खींच रहे हैं, जिसके चलते मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला रफ्तार पकड़ चुका है। अगले 4 दिन राज्य में कहीं भारी, तो कहीं अति भारी बारिश की संभावना है।

बारिश का रिकॉर्ड टूटने की कगार पर

अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 21.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 14.1 इंच होनी चाहिए थी। यानी 7.3 इंच अधिक, जो कि 53% ज्यादा है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर जैसे जिले अपने वार्षिक लक्ष्य को पार कर चुके हैं।

बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन-कौन से हैं?

गुरुवार को जिन 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वे हैं: विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया। इन जिलों में 4.5 इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। बुधवार को छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच, गुना में 1.8 इंच और नर्मदापुरम में 1.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

किन जिलों में अब भी सूखा सा हाल?

जहां अधिकतर जिलों में झमाझम बारिश हो रही है, वहीं इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा जैसे इलाके 10 इंच से भी कम बारिश के साथ पिछड़ते नजर आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में फिलहाल सूखे की आशंका बनी हुई है।

4 दिन का अलर्ट: रहिए सतर्क और अपडेटेड 

मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अगले 4 दिन तक भारी बारिश की आशंका है। जलभराव, ट्रैफिक जाम और बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।