MP Scooty Scheme: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 सितंबर को भोपाल से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत 7,500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का लाभ देंगे। योजना के लिए 12वीं में पहले प्रयास में 70% अंक और स्कूल में प्रथम स्थान जरूरी है।
Mukhyamantri Scooty Yojana: भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत 16 सितंबर को पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित करेंगे। इस योजना के तहत शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा।
12वीं के मेधावी छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और आगे की पढ़ाई को आसान बनाना है। ई-स्कूटी मिलने से खासतौर पर कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक आने-जाने में विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकेगी। योजना का लाभ शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के उन नियमित विद्यार्थियों को दिया जाता है, जिन्होंने कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
कौन बन सकता है योजना का पात्र?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करने के साथ अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना जरूरी है। यह योजना स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है। खास बात यह है कि योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
7,500 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेशभर में 7,500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत ई-स्कूटी का लाभ दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा जारी रखने में व्यावहारिक मदद मिलेगी।
अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी हो चुके लाभान्वित
प्रदेश सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत अब तक 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है। योजना के संचालन पर सरकार लगभग 246 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। यह योजना मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी आगे की पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
शिक्षा के साथ आसान होगा कॉलेज का सफर
ई-स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों के लिए कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचना आसान हो सकता है। खासकर उन छात्रों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें रोजाना पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सरकार को उम्मीद है कि शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी भी मजबूत होगी।
