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Anandpur Dham: PM मोदी जाएंगे उस रहस्यमयी धाम में, जहां अपने नियम और शहर की दुनिया है अलग!
मध्य प्रदेश के अशोकनगर स्थित रहस्यमयी आनंदपुर धाम में पीएम मोदी का दौरा होने वाला है। हेलीपैड, प्राइवेट रूल्स और वर्ल्ड क्लास शहर के रहस्य जानें, जहां नियम भी खास होते हैं और आमजन की पहुंच बेहद सीमित।

आनंदपुर धाम: जहां लोकतंत्र के नियम भी रुक जाते हैं!
एक ओर जहां देश के कोने-कोने में पीएम मोदी की यात्राएं सामान्य प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए होती हैं, वहीं मध्य प्रदेश के एक छोटे से जिले अशोकनगर में स्थित आनंदपुर धाम में उनका संभावित दौरा लोगों के बीच उत्सुकता और रहस्य का विषय बन गया है। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक गुप्त, नियमों से परे, और स्वायत्त ‘वर्ल्ड क्लास’ शहर है, जिसके अंदर का जीवन आम जनता के लिए अनजान है।
क्या है आनंदपुर धाम?
आनंदपुर धाम परमहंस अद्वैतानंद महाराज की समाधि स्थली है, जो अद्वैत मत के सबसे प्रमुख संत माने जाते हैं।
- यह स्थान श्री अद्वैत मठ का मुख्य आश्रम है।
- यहां पंचम पादशाही की परंपरा के मंदिर हैं और वर्तमान में छठवीं पादशाही चल रही है।
- इस आश्रम को मानने वाले अनुयायी न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी फैले हुए हैं।
ट्रस्ट की नींव और विकास
- 1930 में गुरुपाद शाही परंपरा की शुरुआत हुई।
- 1933 में आनंदपुर धाम का निर्माण हुआ।
- इसके बाद 22 अप्रैल 1954 को ‘आनंदपुर ट्रस्ट’ की विधिवत स्थापना की गई।
एक बाउंड्री में बसा ‘गुप्त शहर’: क्या है इसकी खासियत?
आनंदपुर ट्रस्ट की दीवारों के भीतर बसा है एक ऐसा आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहस्यमयी शहर, जिसकी तुलना शायद किसी अंतरराष्ट्रीय निजी शहर से की जा सकती है।
प्रमुख सुविधाएं और संरचना
- तीन निजी बस स्टैंड
- स्वयं का हेलीपैड (जहां पीएम मोदी के लिए विशेष निर्माण हुआ)
- वाहन निर्माण यूनिट, वर्कशॉप्स और आधुनिक मशीनें
- फायर ब्रिगेड, CCTV निगरानी, प्राइवेट सिक्योरिटी
- स्वच्छ चौड़ी सड़कों और बड़े पार्कों से युक्त शहर
- यह पूरा क्षेत्र ट्रस्ट की लाखों वर्गफीट भूमि में फैला है, जिसमें हजारों बीघा कृषि भूमि भी शामिल है।
अपने नियम, अपनी व्यवस्था: क्या लोकतंत्र से बाहर है ये धाम?
जहां भारत के हर कोने में संविधान और कानून लागू होता है, वहीं आनंदपुर ट्रस्ट अपने स्वतंत्र नियमों और आदेशों के आधार पर संचालित होता है।
- आगंतुकों को विशेष मार्ग से मंदिरों तक ले जाया जाता है।
- अंदर हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी, CCTV कैमरे और बैरिकेडिंग होती है।
- बाहर से कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता, चाहे वह स्थानीय पत्रकार हो या आम नागरिक।
पीएम मोदी का ‘निजी दौरा’: मीडिया और कार्यकर्ताओं को क्यों रखा गया बाहर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11 अप्रैल को आनंदपुर धाम आगमन संभावित है, जबकि 13 अप्रैल को बैसाखी महोत्सव मनाया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने इस दौरे को "निजी कार्यक्रम" बताया है, लेकिन:
- स्थानीय मीडिया को दूर रखा गया है।
- बीजेपी कार्यकर्ताओं और आम जनता को भी आमंत्रण नहीं मिला है।
- सुरक्षा और गोपनीयता के चलते कार्यक्रम के आयोजन की सारी तैयारियां गुप्त रूप से हो रही हैं।
क्या छिपा है आनंदपुर धाम के भीतर?
- आनंदपुर को लेकर पहले भी कई तरह की चर्चाएं चलती रही हैं – रहस्य, भक्ति, अनुशासन, अलग व्यवस्था और राजनीतिक दूरियां।
- इस जगह को परमार्थ सेवा और दिव्य अनुशासन का केंद्र माना जाता है।
- लेकिन इसकी सीमित पहुंच और रहस्यमयी कार्यशैली इसे आम धार्मिक स्थलों से बिल्कुल अलग बनाती है।
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