जबलपुर में रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर सीएम मोहन यादव ने श्रद्धांजलि दी और एयरपोर्ट नामकरण, किसान हित व जनजातीय विकास से जुड़ी बड़ी घोषणाएं कीं।
भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस के अवसर पर जबलपुर के नर्रई नाला स्थित उनके समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने समाधि स्थल पर पहुंचकर रानी दुर्गावती को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा गौंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव की पूजा-अर्चना भी की। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी मुख्यमंत्री ने किया।

रानी दुर्गावती थीं साहस और पराक्रम की प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम की मिसाल थीं। उनके व्यक्तित्व में नारी शक्ति का अद्वितीय स्वरूप दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मुगलों को युद्धभूमि में पराजित करने वाली इस महान वीरांगना का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों पर शासन किया था। पति के निधन के बाद उन्होंने अपने पांच वर्षीय पुत्र को सिंहासन पर बैठाया और स्वयं 15 वर्षों तक राज्य और प्रजा की सेवा के लिए समर्पित रहीं।
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग पांच शताब्दी पहले जन्मी रानी दुर्गावती को आज पूरा देश सम्मानपूर्वक याद करता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के गठन के बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित करते हुए आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक उनके गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में हुई थी। डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
100 करोड़ की लागत से बन रहा रानी दुर्गावती संस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर में मदन महल के समीप रानी दुर्गावती को समर्पित एक आधुनिक संस्थान लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसका लोकार्पण जल्द ही किया जाएगा। इस संस्थान के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को रानी दुर्गावती के जीवन, संघर्ष और योगदान की जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक आधुनिक चिड़ियाघर और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा मंडला स्थित 35वीं बटालियन का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है।
‘विरासत से विकास’ अभियान से नायकों की गाथा को मिल रही पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘विरासत से विकास’ अभियान का उद्देश्य देश के महान नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग माना जाता है। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती ने किसानों के हित में बीज संरक्षण, फसल चक्र प्रणाली और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को बढ़ावा दिया था। उनके कुशल प्रबंधन के कारण राज्य में अनाज के भंडार हमेशा भरे रहते थे।
किसान कल्याण के लिए सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि अब किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले ऋण को चुकाने के लिए 31 मार्च की समय सीमा का पालन नहीं करना होगा। किसान जिस दिन ऋण प्राप्त करेंगे, उसके एक वर्ष के भीतर उसे जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लिए राज्य सरकार वित्तीय संस्थानों को 880 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। साथ ही पर्यटन, उद्योग और आधारभूत संरचना के विकास के लिए भी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
भूमि अधिग्रहण पर किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होने पर किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के माध्यम से कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
लाड़ली बहना योजना और पीएम सम्मान निधि से बढ़ रही आर्थिक मजबूती
डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की राशि से उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। इसके साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती द्वारा किसानों और समाज के कल्याण के लिए किए गए कार्य आज भी प्रेरणास्रोत हैं। राज्य सरकार भी उसी भावना के साथ किसान हित और जनकल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरव का विषय है कि जनजातीय समाज से आने वाली द्रौपदी मुर्मु आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास" के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और जो वादे करती है उन्हें पूरा करके दिखाती है।


